रायपुर में एक और लिफ्ट फेल: भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी समेत 7 लोग कई मिनट तक फंसे रहे
राजधानी रायपुर में लिफ्ट सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। मंगलवार को रजबंधा मैदान स्थित एक निजी कॉम्प्लेक्स में बीजेपी प्रवक्ता अमित चिमनानी समेत सात लोग अचानक लिफ्ट बंद हो जाने से करीब 15 मिनट तक अंदर फंसे रहे। राहत की बात यह रही कि सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन इस घटना ने शहर की इमारतों में सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है।
अलार्म बजता रहा, मदद नहीं पहुंची
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लिफ्ट बीच में रुकने के बाद अंदर मौजूद लोगों ने अलार्म और फोन के जरिए मदद मांगने की कोशिश की, लेकिन काफी देर तक कोई तकनीकी सहायता नहीं मिली। आखिरकार सुरक्षा गार्ड और कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा खुलवाया।
क्या सिर्फ हादसे का इंतजार हो रहा है?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर लगातार शिकायतों के बावजूद ऐसे कॉम्प्लेक्सों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? बताया जा रहा है कि संबंधित इमारत में पहले भी कई बार लिफ्ट खराब होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी जारी है।
अमित चिमनानी ने उठाए गंभीर सवाल
घटना के बाद बीजेपी प्रवक्ता अमित चिमनानी ने वीडियो जारी कर प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते दरवाजा नहीं खुलता तो बड़ा हादसा भी हो सकता था। उन्होंने प्रशासन से पूछा कि क्या किसी बड़ी घटना के बाद ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी?
पहले भी IAS अधिकारी फंस चुकी हैं
यह पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले करेंसी टॉवर में एसीएस ऋचा शर्मा भी लिफ्ट में फंस गई थीं। उस घटना के बाद जांच के निर्देश तो दिए गए, लेकिन सवाल यह है कि क्या जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई?
शहर की हाईराइज इमारतों में कितना सुरक्षित हैं लोग?
रायपुर में तेजी से मल्टीस्टोरी बिल्डिंग और कॉम्प्लेक्स बढ़ रहे हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या लिफ्टों की नियमित जांच होती है? क्या फायर और इमरजेंसी सिस्टम काम कर रहे हैं? इन सवालों का जवाब जिम्मेदार एजेंसियों को देना होगा।
लोगों में बढ़ी चिंता
लगातार सामने आ रही घटनाओं से लोगों में डर और नाराजगी बढ़ रही है। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को केवल हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से सख्त निगरानी करनी चाहिए।
