Ajit Doval Russia Visit: रूस ने भारत को सर्वोपरि बताया, डोभाल-पुतीन की मुलाकात से ट्रंप को मिला कड़ा संदेश
Ajit Doval Russia Visit
Ajit Doval Russia Visit: भारत और रूस के रिश्तों में फिर से मजबूती दिख रही है। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इस समय रूस के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने गुरुवार को रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव और पूर्व रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु से अहम बैठक की। मॉस्को में हुई इस वार्ता में शोइगु ने साफ शब्दों में कहा कि भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना रूस के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।
शोइगु ने डोभाल से मुलाकात के दौरान अमेरिका की दादागिरी पर भी निशाना साधा और इशारों में कहा कि अब समय आ गया है कि अमेरिका के वर्चस्व के मुकाबले एक नई, निष्पक्ष और स्थायी वैश्विक व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के साथ रूस के संबंध ऐतिहासिक और भरोसेमंद हैं, जिन्हें और मजबूत करने की जरूरत है।
पुतिन जल्द करेंगे भारत यात्रा
अजीत डोभाल ने भी इस बैठक के दौरान भरोसे और सहयोग पर बल दिया। उन्होंने जानकारी दी कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द भारत की यात्रा पर आने वाले हैं और तारीखों का ऐलान जल्द ही किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत के साथ खड़े होने के लिए रूस का आभार जताया।
डोभाल की यह मॉस्को यात्रा पहले से तय थी, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर टैरिफ लगाने की धमकी के बाद इस दौरे की अहमियत और बढ़ गई है। ट्रंप ने हाल ही में रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत को चेतावनी दी थी, जिस पर भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया कि वह अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा।
रूस से सस्ता तेल और नई रणनीति
अब माना जा रहा है कि अजीत डोभाल और रूसी नेतृत्व के बीच इस दौरे में तेल खरीद को लेकर कोई नई रणनीति बन सकती है। सूत्रों के अनुसार, रूस भारत को सस्ते दर पर तेल देने की पेशकश कर सकता है। इस मुद्दे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी जल्द रूस दौरे पर जाएंगे, वहीं पीएम नरेंद्र मोदी चीन की यात्रा की तैयारी में हैं।
भारत ने दी ट्रंप को सख्त चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के जवाब में भारत ने साफ कहा है कि वह रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा। भारत ने कहा है कि एक जिम्मेदार और बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में वह अपनी आर्थिक सुरक्षा के लिए खुद निर्णय लेता है और किसी भी देश के दबाव में नहीं आएगा।
डोभाल और शोइगु की मुलाकात से यह संदेश साफ हो गया है कि भारत और रूस अपने द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और अमेरिका की मनमानी को अब चुनौती देने का समय आ गया है।
