Air Purifier Tips: HEPA फिल्टर के साथ भूलकर भी न करें ये गलती, खराब हो सकती है मशीन
Air Purifier Tips: दिल्ली-NCR समेत देश के कई शहरों में प्रदूषण बढ़ने के साथ Air Purifier की जरूरत भी बढ़ जाती है। लोग घर के अंदर की हवा को साफ रखने के लिए इस डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसकी सही देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है? अगर एयर प्यूरिफायर के फिल्टर को गलत तरीके से साफ किया जाए, तो उसकी हवा साफ करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। खासकर HEPA फिल्टर को पानी से धोना कई लोगों की बड़ी गलती साबित हो सकता है।
कई लोग Air Purifier पर जमी धूल हटाने के लिए पानी या वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन हर फिल्टर को साफ करने का तरीका एक जैसा नहीं होता। कुछ प्री-फिल्टर धोकर दोबारा इस्तेमाल किए जा सकते हैं, जबकि ज्यादातर घरेलू Air Purifier के HEPA और एक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर को धोना सही नहीं होता।
ऐसे में सवाल है कि Air Purifier के फिल्टर की सफाई कैसे करें, उन्हें कितने समय बाद बदलें और किन गलतियों से बचें? आइए जानते हैं।
HEPA फिल्टर को पानी से धोने पर क्या होगा?
HEPA फिल्टर Air Purifier का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह हवा में मौजूद धूल, पराग कण और दूसरे बारीक कणों को पकड़ने में मदद करता है। इसी वजह से इसकी सही देखभाल करना जरूरी है।
आमतौर पर घरेलू Air Purifier में लगे HEPA फिल्टर धोने के लिए नहीं बनाए जाते। इन्हें पानी से धोने या जोर से रगड़ने पर फिल्टर की संरचना को नुकसान पहुंच सकता है। इससे उसकी कार्यक्षमता प्रभावित होने का खतरा रहता है।
यही नहीं, हर HEPA फिल्टर को वैक्यूम क्लीनर से साफ करना भी सही नहीं है। तेज सक्शन या गलत तरीके से सफाई करने पर फिल्टर की महीन परतें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।
तो फिर HEPA फिल्टर को साफ कैसे करें?
सबसे पहले Air Purifier का मॉडल नंबर और कंपनी की यूजर गाइड देखें।
अगर कंपनी ने फिल्टर को साफ करने की अनुमति नहीं दी है, तो उसे ब्रश या वैक्यूम क्लीनर से साफ करने की कोशिश न करें।
फिल्टर पर जमी धूल को हटाने के लिए केवल वही तरीका अपनाएं, जिसकी निर्माता ने अनुमति दी हो।
अगर फिल्टर की इस्तेमाल अवधि पूरी हो गई है या मशीन उसे बदलने का संकेत दे रही है, तो नया फिल्टर लगाना बेहतर हो सकता है।
ध्यान रखें कि हर मशीन का डिजाइन अलग होता है। इसलिए किसी दूसरे ब्रांड की सफाई संबंधी सलाह को अपनी मशीन पर लागू करना नुकसानदेह हो सकता है।
एक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर को भी न धोएं
एयर प्यूरिफायर में HEPA फिल्टर के अलावा एक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर भी हो सकता है। इसका मुख्य काम कुछ गैसों और बदबू को कम करने में मदद करना है।
रसोई से आने वाली गंध और कुछ अन्य गंधों को कम करने में कार्बन फिल्टर उपयोगी हो सकता है। हालांकि, यह हर प्रकार की गैस या प्रदूषक को हटाने में सक्षम नहीं होता।
समय के साथ कार्बन फिल्टर की गैसों को सोखने की क्षमता कम हो सकती है। इसे पानी से धोने से इसकी पुरानी क्षमता वापस आने की गारंटी नहीं होती। इसलिए इसे भी कंपनी के निर्देशों के अनुसार बदलना चाहिए।
कुछ एयर प्यूरिफायर में HEPA और कार्बन फिल्टर एक ही यूनिट में लगे होते हैं। ऐसे में पूरी यूनिट बदलनी पड़ सकती है। यदि दोनों फिल्टर अलग-अलग हैं, तो निर्माता के निर्देशों के अनुसार केवल जरूरी फिल्टर बदला जा सकता है।
प्री-फिल्टर की सफाई कैसे करें?
प्री-फिल्टर आमतौर पर एयर प्यूरिफायर का बाहरी फिल्टर होता है। यह बाल, धूल और बड़े कणों को रोकता है, जिससे अंदर लगे मुख्य फिल्टर पर गंदगी कम जमा होती है।
अच्छी बात यह है कि कई मॉडल में प्री-फिल्टर को साफ करके दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, सभी प्री-फिल्टर धोने योग्य नहीं होते।
इसे साफ करने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
- एयर प्यूरिफायर को बंद करके उसका प्लग निकाल दें।
- कंपनी के निर्देशों के अनुसार कवर खोलकर प्री-फिल्टर बाहर निकालें।
- यदि निर्माता अनुमति देता है, तो धूल हटाने के लिए मुलायम ब्रश या पानी का इस्तेमाल करें।
- फिल्टर को जोर से रगड़ने और कड़ी ब्रश से साफ करने से बचें।
- अगर फिल्टर धोया है, तो उसे पूरी तरह सूखने दें। गीला फिल्टर वापस न लगाएं।
सैमसंग के कुछ एयर प्यूरिफायर मॉडल में लगातार इस्तेमाल के दौरान प्री-फिल्टर को लगभग हर दो सप्ताह में साफ करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, सही अंतराल आपके मॉडल और इस्तेमाल की परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
अगर आपके घर में धूल ज्यादा आती है, पालतू जानवर हैं या एयर प्यूरिफायर लंबे समय तक चलता है, तो प्री-फिल्टर को अधिक बार साफ करने की जरूरत पड़ सकती है।
एयर प्यूरिफायर का फिल्टर कितने महीने में बदलें?
यह सवाल लगभग हर एयर प्यूरिफायर इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति के मन में आता है। फिल्टर बदलने का कोई एक नियम सभी मशीनों पर लागू नहीं होता। इसकी अवधि मशीन के मॉडल, फिल्टर की बनावट, इस्तेमाल के घंटों और हवा में मौजूद प्रदूषण पर निर्भर करती है।
कुछ एयर प्यूरिफायर मॉडल में HEPA और कार्बन फिल्टर को लगभग 6 से 12 महीने में बदलने की सलाह दी जाती है। लेकिन इसे सभी ब्रांड और मॉडलों के लिए तय समय नहीं माना जाना चाहिए।
फिल्टर बदलने का फैसला करते समय इन संकेतों पर ध्यान दें:
- मशीन पर फिल्टर बदलने का संकेत दिखाई देना।
- हवा का बहाव कम हो जाना।
- फिल्टर की निर्धारित इस्तेमाल अवधि पूरी होना।
- निर्माता के निर्देशों के अनुसार फिल्टर का खराब या अनुपयोगी हो जाना।
सिर्फ फिल्टर पर धूल देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि वह अब छोटे कणों को कितनी प्रभावी तरीके से पकड़ रहा है। इसी तरह, फिल्टर बदलने की लाइट को नजरअंदाज करना भी सही नहीं है।
नया फिल्टर लगाने के बाद जरूरत पड़ने पर मशीन में फिल्टर रिमाइंडर रीसेट करना न भूलें।
नया फिल्टर लगाते समय न करें ये गलती
कई बार लोग नया फिल्टर खरीद तो लेते हैं, लेकिन उसकी पैकिंग हटाना भूल जाते हैं। अगर प्लास्टिक में लिपटा फिल्टर मशीन में लगा रह जाए, तो हवा का प्रवाह बाधित हो सकता है और एयर प्यूरिफायर ठीक से काम नहीं कर पाएगा।
नया फिल्टर लगाते समय उसकी पैकिंग हटाएं और उसे सही दिशा में फिट करें। इसके बाद कंपनी के निर्देशों के अनुसार मशीन चालू करें।
इसके अलावा, फिल्टर के आसपास धूल जमा होने से रोकने के लिए एयर प्यूरिफायर के बाहरी हिस्से की भी नियमित सफाई करें। मशीन की सफाई से पहले हमेशा उसे बंद करें और बिजली के कनेक्शन से अलग कर दें।
एयर प्यूरिफायर की सही देखभाल क्यों है जरूरी?
एयर प्यूरिफायर खरीदना ही पर्याप्त नहीं है। उसकी क्षमता बनाए रखने के लिए फिल्टर की समय पर सफाई, जरूरत के अनुसार बदलाव और निर्माता के निर्देशों का पालन करना भी जरूरी है।
गलत तरीके से HEPA फिल्टर धोना, बिना अनुमति वैक्यूम क्लीनर चलाना या पुराने फिल्टर को जरूरत से ज्यादा समय तक इस्तेमाल करना मशीन के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।
इसलिए अगली बार जब एयर प्यूरिफायर का फिल्टर गंदा दिखाई दे, तो उसे तुरंत पानी से धोने के बजाय पहले उसकी गाइड जरूर देखें।
