AI Scam Detection: कॉल पर ही पकड़ लेगा Scam! Android और iPhone में छिपे हैं ये AI Safety Features
AI Scam Detection: कॉल पर बातचीत के दौरान स्कैम पकड़ेगा AI! Android और iPhone में छिपे हैं ये Safety Features, तुरंत करें ON
AI Scam Detection: AI के दौर में ऑनलाइन और फोन स्कैम का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में Google और Apple ने Android और iPhone में कई ऐसे सिक्योरिटी फीचर्स दिए हैं, जो संदिग्ध कॉल, मैसेज, लिंक और ऐप्स से आपको बचाने में मदद कर सकते हैं।
AI से बढ़ा स्कैम का खतरा, लेकिन फोन भी हुए स्मार्ट
AI ने जहां लोगों की जिंदगी और काम को आसान बनाया है, वहीं साइबर अपराधियों ने भी इसका इस्तेमाल शुरू कर दिया है। अब फर्जी कॉल, नकली मैसेज और संदिग्ध लिंक के जरिए लोगों को ठगने के तरीके पहले से ज्यादा स्मार्ट हो गए हैं।
इसी खतरे को देखते हुए Google और Apple अपने स्मार्टफोन में ऐसे सिक्योरिटी फीचर्स दे रहे हैं, जो संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर यूजर्स को अलर्ट कर सकते हैं।
खास बात यह है कि कुछ फीचर्स AI की मदद से कॉल के दौरान ही संदिग्ध बातचीत को पहचानकर चेतावनी दे सकते हैं।
AI Scam Detection: Android यूजर्स के लिए ये फीचर्स हैं बेहद काम के
1. Fake Call Detection
अगर किसी सेव किए गए नंबर से कॉल आती है, लेकिन फोन को शक होता है कि कॉल करने वाला व्यक्ति असली नहीं है, तो यह फीचर यूजर को चेतावनी दे सकता है।
कॉल फॉरवर्डिंग जैसी संदिग्ध परिस्थितियों में भी यह फीचर मददगार हो सकता है।
कहां मिलेगा:
Phone app → Settings → Caller ID & spam
यह सुविधा Android 12 या इसके बाद के वर्जन वाले कुछ डिवाइसेज में Google Phone ऐप के जरिए उपलब्ध है।
2. Scam Detection करेगा संदिग्ध बातचीत की पहचान
अगर कॉल के दौरान कोई व्यक्ति आपसे बैंक डिटेल, OTP, पासवर्ड या दूसरी निजी जानकारी मांगता है, तो Scam Detection फीचर ऐसी संदिग्ध स्थिति में आपको अलर्ट कर सकता है।
इसका मकसद यूजर को बातचीत के दौरान संवेदनशील जानकारी साझा करने से पहले सावधान करना है।
यह सुविधा चुनिंदा Google Pixel और Samsung के नए डिवाइसेज समेत कुछ अन्य फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स में उपलब्ध है।
कहां मिलेगा:
Phone app → Settings → Scam Detection
3. Virtual Assistant संभाल सकता है अनजान कॉल
अगर आपको किसी अनजान नंबर से कॉल आती है और आप सीधे बात नहीं करना चाहते, तो कुछ डिवाइसेज में Call Screen या Call Assist जैसे फीचर्स का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसमें वर्चुअल असिस्टेंट आपकी ओर से कॉलर से बात कर सकता है और कॉल का मकसद पता करने में मदद करता है।
कुछ डिवाइसेज में कॉल खत्म होने के बाद बातचीत का ट्रांसक्रिप्ट या रिकॉर्ड भी देखा जा सकता है।
4. Google Messages देगा Scam Warning
SMS के जरिए होने वाले फ्रॉड से बचने के लिए Google Messages में भी सुरक्षा फीचर मौजूद है।
अगर ऐप को कोई मैसेज संदिग्ध लगता है, तो वह ‘Likely a Scam’ जैसी चेतावनी दिखा सकता है।
इससे यूजर को संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या किसी अनजान व्यक्ति को जवाब देने से पहले सावधान होने का मौका मिलता है।
कहां मिलेगा:
Google Messages → Messages settings → Protection & Safety → Spam protection
5. OTP को अनजान ऐप्स से बचाने की सुविधा
Android में WebOTP और SMS Retriever जैसे सिस्टम फीचर्स का इस्तेमाल OTP को अनधिकृत ऐप्स से सुरक्षित रखने के लिए किया जा सकता है।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि SMS में आया संवेदनशील OTP किसी संदिग्ध या अनधिकृत ऐप की पहुंच में आसानी से न आए।
iPhone यूजर्स के लिए भी हैं कई Safety Features
Apple ने भी iPhone में अनजान कॉल और मैसेज से बचने के लिए कई सुरक्षा फीचर्स दिए हैं।
1. Unknown Calls की होगी Screening
अगर किसी अनजान नंबर से कॉल आती है, तो iPhone कुछ सेटिंग्स के जरिए कॉलर से उसका नाम और कॉल करने की वजह पूछ सकता है।
इससे यूजर को फोन उठाने से पहले अंदाजा हो जाता है कि कॉल किस मकसद से की गई है।
कहां मिलेगा:
Settings → Apps → Phone → Screen Unknown Callers → Ask Reason for Calling
2. Spam Messages होंगे अलग
iPhone अनजान सेंडर्स से आने वाले मैसेज को अलग रखने में मदद करता है। इससे जरूरी और पहचान वाले लोगों के मैसेज के बीच संदिग्ध संदेशों को पहचानना आसान हो जाता है।
कुछ मामलों में अनजान सेंडर्स के मैसेज में मौजूद लिंक को सीधे खोलने पर भी अतिरिक्त सुरक्षा प्रक्रिया लागू हो सकती है।
3. Unknown Senders के Messages रहेंगे अलग
iPhone में यूजर जान-पहचान वाले और अनजान सेंडर्स के मैसेज को अलग-अलग रखने की सुविधा इस्तेमाल कर सकता है।
इससे अनजान नंबरों से आने वाले संदिग्ध मैसेज पर तुरंत प्रतिक्रिया देने की संभावना कम हो सकती है।
कहां मिलेगा:
Messages → Filter → Manage Filtering → Screen Unknown Senders
इन फीचर्स को ON रखना क्यों जरूरी है?
आजकल साइबर ठगी में सिर्फ फर्जी वेबसाइट या SMS ही नहीं, बल्कि फोन कॉल, AI-generated आवाज, नकली पहचान और सोशल इंजीनियरिंग जैसे तरीकों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
ऐसे में स्मार्टफोन के इन-बिल्ट सिक्योरिटी फीचर्स यूजर को संभावित खतरे के बारे में समय रहते चेतावनी दे सकते हैं।
हालांकि कोई भी सुरक्षा फीचर हर तरह के स्कैम को रोकने की गारंटी नहीं देता। इसलिए अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, बैंक डिटेल, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी कभी शेयर नहीं करनी चाहिए।
