ChatGPT यूजर्स के लिए जरूरी खबर! आपकी चैट का क्या होता है? ऐसे बढ़ाएं प्राइवेसी
आज के समय में ChatGPT का इस्तेमाल पढ़ाई, ऑफिस के काम, कंटेंट तैयार करने और रोजमर्रा के सवालों के जवाब पाने के लिए तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन इसी के साथ डेटा प्राइवेसी को लेकर सावधानी बरतना भी जरूरी है। कई यूजर्स जाने-अनजाने में अपनी पर्सनल जानकारी, ऑफिस से जुड़ा संवेदनशील डेटा या निजी सवाल AI टूल्स के साथ शेयर कर देते हैं।
ऐसे में जरूरी है कि यूजर्स ChatGPT में मौजूद डेटा कंट्रोल्स और प्राइवेसी विकल्पों को समझें और अपनी जरूरत के हिसाब से सेटिंग्स को मैनेज करें।
सबसे पहले मॉडल ट्रेनिंग से जुड़ी सेटिंग चेक करें
ChatGPT में डेटा कंट्रोल्स के जरिए यूजर्स यह नियंत्रित कर सकते हैं कि उनकी नई बातचीत का इस्तेमाल मॉडल को बेहतर बनाने के लिए किया जाए या नहीं।
इसके लिए ChatGPT खोलें और अपने प्रोफाइल आइकन पर जाएं। इसके बाद Settings में जाकर Data Controls या संबंधित प्राइवेसी विकल्प देखें। यहां मॉडल ट्रेनिंग से जुड़ी सेटिंग को ऑफ किया जा सकता है।
सेटिंग बंद करने के बाद नई चैट्स को मॉडल ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने से रोका जा सकता है।
बेहद संवेदनशील बातचीत के लिए Temporary Chat
अगर आप किसी संवेदनशील विषय पर बातचीत करना चाहते हैं तो Temporary Chat का इस्तेमाल करना एक विकल्प है। यह सामान्य चैट हिस्ट्री से अलग रहती है और मॉडल ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल नहीं की जाती।
हालांकि, Temporary Chat को भी पूरी तरह से “कोई डेटा कभी स्टोर नहीं होगा” के अर्थ में नहीं समझना चाहिए। ऑनलाइन सेवाओं की डेटा-हैंडलिंग और सुरक्षा नीतियां अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए संवेदनशील जानकारी शेयर करते समय हमेशा सावधानी जरूरी है।
पुरानी चैट भी समय-समय पर डिलीट करें
सिर्फ मॉडल ट्रेनिंग की सेटिंग बदलना पुरानी चैट्स को अपने आप डिलीट नहीं करता। अगर किसी पुरानी बातचीत में आपकी निजी जानकारी मौजूद है और आप उसे हटाना चाहते हैं, तो संबंधित चैट को अलग से डिलीट करना जरूरी है।
यूजर्स अपनी चैट हिस्ट्री और डेटा कंट्रोल्स में उपलब्ध विकल्पों के जरिए पुरानी बातचीत को मैनेज कर सकते हैं।

पासवर्ड और बैंक डिटेल्स शेयर करने से बचें
सबसे महत्वपूर्ण सावधानी यह है कि किसी भी AI प्लेटफॉर्म पर पासवर्ड, OTP, बैंक अकाउंट की जानकारी, कार्ड डिटेल्स या बेहद संवेदनशील दस्तावेज शेयर करने से बचें।
ऑफिस में काम करते समय भी कंपनी की गोपनीय जानकारी, ग्राहक का निजी डेटा या ऐसे दस्तावेज जिन्हें सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए, उन्हें AI चैट में कॉपी-पेस्ट करने से पहले संगठन की डेटा पॉलिसी जरूर जांच लें।
AI इस्तेमाल करें, लेकिन सावधानी के साथ
ChatGPT जैसे AI टूल काम को आसान और तेज जरूर बनाते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर तरह की जानकारी इनमें साझा कर दी जाए। अपनी जरूरत के मुताबिक Data Controls, Temporary Chat और चैट हिस्ट्री मैनेजमेंट जैसे विकल्पों का इस्तेमाल करें और सबसे जरूरी बात, सेंसिटिव जानकारी शेयर करने से पहले दो बार सोचें।
