जनता का गुस्सा या राजनीतिक साजिश? Abhishek Banerjee पर हमला, सामने आई चौंकाने वाली वजह
सोनारपुर में हिंसा पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे TMC सांसद Abhishek Banerjee को उग्र भीड़ ने घेर लिया। विरोध इतना बढ़ा कि अंडे फेंके गए, कपड़े फाड़ दिए गए और सुरक्षा बलों को हेलमेट पहनाकर उन्हें वहां से निकालना पड़ा
ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद Abhishek Banerjee पर हुए हमले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में भूचाल ला दिया है। आखिर भीड़ इतनी नाराज क्यों थी? क्या यह जनता का गुस्सा था या राजनीतिक साजिश? पूरी कहानी जानने के लिए पढ़िए यह रिपोर्ट।
सोनारपुर में Abhishek Banerjee पर हमला, मचा हड़कंप
पश्चिम बंगाल के सोनारपुर इलाके में शनिवार को उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब टीएमसी सांसद और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर उग्र भीड़ ने हमला कर दिया। चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे अभिषेक को लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। हालात इतने बिगड़ गए कि सुरक्षाकर्मियों को उन्हें हेलमेट पहनाकर सुरक्षा घेरे में बाहर निकालना पड़ा।
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे Abhishek Banerjee
जानकारी के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे कमराबाद इलाके में अपनी पार्टी के एक मृतक कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंचे थे। उनके आने की सूचना पहले ही फैल चुकी थी, जिसके चलते बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और प्रदर्शनकारी वहां जमा हो गए थे।
बताया जा रहा है कि विरोध को देखते हुए अभिषेक ने अपनी कार छोड़ दी और बाइक से इलाके के अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन पीड़ित परिवार के घर से कुछ दूरी पहले ही भीड़ ने उन्हें घेर लिया।
‘चोर-चोर’ के नारे, अंडे फेंके और कपड़े फाड़े
प्रदर्शनकारियों ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। “चोर-चोर” के नारों के बीच उन पर कच्चे अंडे फेंके गए। हालात तब और बिगड़ गए जब धक्का-मुक्की और मारपीट की नौबत आ गई।
हमले के दौरान Abhishek Banerjee के कपड़े फट गए और उनका चश्मा भी टूट गया। भीड़ के आक्रोश को देखते हुए सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत उन्हें हेलमेट पहनाया और कड़ी सुरक्षा के बीच वहां से बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों का गुस्सा आखिर क्यों फूटा?
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने अपनी नाराजगी की वजह भी बताई। उनका आरोप है कि पिछले 15 वर्षों से इलाके में विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ। सड़कें जर्जर हैं, बारिश में जलभराव होता है और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की भी कमी है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से शिकायत की, लेकिन उनकी समस्याओं पर कभी गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। इसी वजह से जब सांसद के तौर पर अभिषेक बनर्जी वहां पहुंचे तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
Abhishek Banerjee बोले- मुझे जान से मारने की कोशिश हुई
हमले के बाद अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह हमला पूरी तरह से राजनीतिक रूप से प्रायोजित था और उन्हें जान से मारने की कोशिश की गई।
Abhishek Banerjee ने कहा कि अगर सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते उन्हें हेलमेट नहीं पहनाया होता तो उनके सिर में गंभीर चोट लग सकती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद नहीं थी।
उन्होंने कहा कि पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई है और वे इस मामले को हाईकोर्ट तथा राज्यपाल के सामने उठाएंगे।

टीएमसी और विपक्ष आमने-सामने
इस घटना के बाद बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। टीएमसी इसे बीजेपी की साजिश बता रही है, जबकि विरोधी पक्ष का कहना है कि यह जनता के लंबे समय से चले आ रहे गुस्से का नतीजा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति को और गरमा सकती है। फिलहाल इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है.
जनता का गुस्सा या राजनीतिक साजिश?
सोनारपुर में जो कुछ हुआ, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह सिर्फ राजनीतिक टकराव था या फिर वर्षों से विकास की मांग कर रहे लोगों का आक्रोश? इस सवाल का जवाब आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल इतना तय है कि अभिषेक बनर्जी पर हुआ यह हमला पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए विवाद को जन्म दे चुका है।
