नायब तहसीलदार का बड़ा आरोप: बोले- ‘विधायक टोप्पो अपने रिश्तेदार को गलत दस्तावेजों के जरिए पैरोल दिलाने का बना रहे थे दबाव’
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों के खिलाफ नायब तहसीलदार से कथित मारपीट के मामले में केस दर्ज किया गया है। इस मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। शनिवार को नायब तहसीलदार ने सार्वजनिक मंच से विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उन पर एक बंदी को पैरोल दिलाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
पैरोल को लेकर दबाव बनाने का आरोप
नायब तहसीलदार के अनुसार, विधायक अपने रिश्तेदार को पैरोल पर रिहा कराने के लिए लगातार दबाव बना रहे थे। उन्होंने कहा कि संबंधित व्यक्ति लंबे समय से हत्या के मामले में जेल में बंद है, लेकिन पैरोल के लिए जरूरी दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी नहीं थीं। ऐसे में नियमों के विपरीत जाकर हस्ताक्षर करना संभव नहीं था।
वीडियो हटाने पर उठाए सवाल
अधिकारी ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान मौजूद लोगों ने पूरी घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड किया था, लेकिन बाद में उसे हटवा दिया गया। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच की बात की जा रही है, तो घटना के वीडियो सामने आने चाहिए। उन्होंने जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने सौंपा ज्ञापन
मामले को लेकर कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ की इकाई ने भी चिंता जताई है। संघ ने उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
गिरफ्तारी देने पहुंचे थे विधायक, लौटना पड़ा वापस
शुक्रवार को विधायक रामकुमार टोप्पो अपने समर्थकों के साथ गिरफ्तारी देने के लिए अंबिकापुर रवाना हुए थे। हालांकि, रास्ते में समर्थकों के हंगामे और भीड़भाड़ की स्थिति के चलते वे निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके और उन्हें वापस सीतापुर लौटना पड़ा। बाद में विधायक ने कहा कि वे कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए उचित समय पर गिरफ्तारी देंगे।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब विधायक की बहन किसी कार्य से तहसील कार्यालय पहुंचीं। वहां किसी प्रशासनिक विषय को लेकर उनकी नायब तहसीलदार से बहस हो गई। आरोप है कि बहस के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता चला गया। बाद में समर्थकों और अधिकारियों के बीच धक्का-मुक्की तथा हाथापाई की स्थिति बन गई।
दोनों पक्षों ने दर्ज कराई शिकायत
घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और विभिन्न पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
