Jashpur Police Constable Dismissal 2026: लंबे समय तक गैरहाजिर रहने पर 3 आरक्षक बर्खास्त, 2 को मिला बड़ा दंड
Jashpur Police Constable Dismissal 2026 के तहत जशपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 आरक्षकों को बर्खास्त कर दिया, जबकि 2 अन्य को गंभीर विभागीय दंड दिया गया। कार्रवाई अनुशासनहीनता और लंबे समय तक गैरहाजिरी के कारण की गई।
पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता पर बड़ी कार्रवाई
Jashpur Police Constable Dismissal 2026 के तहत जशपुर पुलिस विभाग में बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने लंबे समय तक बिना सूचना गैरहाजिर रहने और कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले पांच आरक्षकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं।
विभागीय जांच पूरी होने के बाद तीन आरक्षकों को सेवा से पृथक (बर्खास्त) कर दिया गया है, जबकि दो अन्य को गंभीर दंड दिया गया है।
तीन आरक्षकों को किया गया सेवा से पृथक
Jashpur Police Constable Dismissal 2026 के तहत पुलिस रेगुलेशन 221(अ) के प्रावधानों के अनुसार आरक्षक संतोष कुमार राम, नेल्सन तिग्गा और अशोक कुमार एक्का को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
जांच में पाया गया कि तीनों आरक्षक लंबे समय तक अनाधिकृत रूप से गैरहाजिर रहे और पूर्व में कई बार विभागीय कार्रवाई का सामना करने के बावजूद उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ।
दो अन्य आरक्षकों को मिला गंभीर दंड
कार्रवाई के तहत केवल बर्खास्तगी ही नहीं की गई बल्कि दो अन्य आरक्षकों को भी विभागीय दंड दिया गया है।
Jashpur Police Constable Dismissal 2026 में आरक्षक इरीमियस कुजूर को एक वेतन वृद्धि के बराबर धनराशि की कमी संचयी प्रभाव से दंडित किया गया है। वहीं आरक्षक बिंदेश्वर राम को एक वर्ष के लिए न्यूनतम वेतनमान पर लाया गया है।
इस दंड का असर उनकी भविष्य की वेतन वृद्धि और पेंशन लाभों पर भी पड़ेगा।
गैरहाजिरी के चौंकाने वाले आंकड़े आए सामने
विभागीय जांच के दौरान तीनों बर्खास्त आरक्षकों की गैरहाजिरी के आंकड़े सामने आए, जो काफी गंभीर पाए गए।
Jashpur Police Constable Dismissal 2026 के तहत सामने आई जानकारी के अनुसार:
- संतोष कुमार राम ने 13 वर्षों की सेवा में 33 बार कुल 469 दिन तक अनाधिकृत रूप से गैरहाजिर रहे।
- नेल्सन तिग्गा ने 17 वर्षों की सेवा में 28 बार कुल 923 दिन तक बिना अनुमति अनुपस्थित रहे।
- अशोक कुमार एक्का ने 20 वर्षों की सेवा में 30 बार कुल 1151 दिन तक गैरहाजिर रहकर विभागीय नियमों का उल्लंघन किया।
पूर्व में भी मिल चुकी थी कई बार सजा
जांच में यह भी सामने आया कि बर्खास्त किए गए तीनों आरक्षकों को पहले भी कई बार विभागीय दंड दिया जा चुका था।
Jashpur Police Constable Dismissal 2026 मामले में अधिकारियों ने पाया कि बार-बार चेतावनी और दंड मिलने के बावजूद उनके आचरण में कोई सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद अंतिम रूप से सेवा से पृथक करने का निर्णय लिया गया।
एसएसपी ने दिया सख्त संदेश
डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट कहा है कि पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता और कार्य के प्रति उदासीनता किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
Jashpur Police Constable Dismissal 2026 को विभाग में जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली और छवि को बेहतर बनाए रखने के लिए भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।
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