120 आत्मसमर्पित नक्सली पहुंचे विधानसभा: देखी सदन की कार्रवाई
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन सदन में एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। दशकों तक हथियार उठाकर लोकतंत्र के खिलाफ खड़े रहे कई पूर्व नक्सली, आत्मसमर्पण और पुनर्वास के बाद लोकतंत्र के सबसे बड़े मंच — विधानसभा — तक पहुंचे। यह दृश्य राज्य की बदलती परिस्थितियों और मुख्यधारा में लौटने की प्रक्रिया का प्रतीक माना जा रहा है। आसंदी से सभापति ने पुनर्वासित नक्सलियों को शुभकामनाएं दी, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कराई । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से पुनर्वासित नक्सलियों ने मुलाकात की।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया स्वागत
उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने अपने कक्ष में 120 से अधिक पुनर्वासित नक्सलियों का स्वागत किया और उनसे मुलाकात की। इनमें नक्सली संगठन के पूर्व प्रवक्ता रूपेश भी शामिल थे। इससे पहले बीती रात गृहमंत्री ने 150 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सलियों को डिनर पर आमंत्रित किया था। यह कार्यक्रम नया रायपुर स्थित उनके शासकीय निवास पर आयोजित हुआ।
विधानसभा की कार्यवाही का किया अवलोकन
करीब 125 पुनर्वासित नक्सलियों ने विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन किया। इनमें से 7 पूर्व नक्सलियों को अध्यक्षीय दीर्घा में बैठने का अवसर मिला, जहां से उन्होंने सदन की कार्रवाई को देखा। नक्सली संगठन के पूर्व प्रवक्ता रूपेश को भी अध्यक्षीय दीर्घा में स्थान दिया गया।
ध्यानाकर्षण के माध्यम से स्कूलों पर चर्चा
सदन में इस दौरान ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए स्कूलों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जा रही थी। पुनर्वासित नक्सलियों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नजदीक से देखा और समझा कि किस प्रकार जनहित के मुद्दों पर बहस और निर्णय लिए जाते हैं।
डिनर के जरिए संवाद और विश्वास का संदेश
गृहमंत्री विजय शर्मा ने आत्मसमर्पित नक्सलियों को डिनर पर आमंत्रित कर संवाद और विश्वास का संदेश दिया। इस डिनर में नक्सल संगठन के बड़े कैडर से जुड़े पूर्व नेता भी शामिल हुए। इसे सरकार की पुनर्वास नीति और मुख्यधारा में शामिल करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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