हड़ताल पर अड़े NHM कर्मचारियों पर सरकार की सख्ती, शुरू हुई बर्खास्तगी की कार्रवाई

रायपुर। नियमितीकरण समेत 10 सूत्री मांगों को लेकर चल रही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर अब सरकार ने कड़ा रुख अपना लिया है। 24 घंटे का अल्टीमेटम खत्म होने के बाद भी कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

बलौदाबाजार जिले में दो कर्मचारियों समेत कुल 25 अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। सीएमएचओ बलौदाबाजार की ओर से कसडोल ब्लॉक डेटा मैनेजर हेमंत सिन्हा और कौशलेश तिवारी की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया गया है।

हेमंत सिन्हा का बयान: आंदोलन और उग्र होगा

एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रांतीय सलाहकार हेमंत सिन्हा ने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों को मानने के बजाय सरकार बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा, “बलौदाबाजार में मुझे और दो अन्य कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। सरकार से पूछना चाहता हूं कि क्या वे 16 हजार एनएचएम कर्मचारियों को बर्खास्त करेंगे? हम सब कर्मचारी एकजुट हैं और अपनी मांगों पर अडिग हैं। यह कार्रवाई आंदोलन को और उग्र करेगी।”

सिन्हा ने साफ किया कि अब सभी एनएचएम कर्मचारी मंत्री और मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। उनका कहना है कि बर्खास्तगी की कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और जब तक नियमितीकरण का वादा पूरा नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।

आदेश में क्या लिखा है?

सीएमएचओ की ओर से जारी आदेश पत्र में कहा गया है कि हेमंत सिन्हा और कौशलेश तिवारी 18 अगस्त से संघ के आह्वान पर हड़ताल पर हैं। 13 अगस्त को राज्य स्वास्थ्य समिति की कार्यकारिणी की बैठक में इन मांगों पर सक्षम स्तर पर निर्णय हो चुका था और उसके अनुसार निर्देश भी जारी किए गए थे।

इसके बावजूद दोनों कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं हुए। 1 सितंबर को नोटिस जारी कर 24 घंटे में काम पर लौटने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अनुपस्थित रहने पर इसे लोकहित के विरुद्ध और अनुचित कृत्य माना गया। आदेश में यह भी उल्लेख है कि यह कृत्य छग सिविल सेवा आचरण नियम 1965 और मानव संसाधन नीति-2018 की कंडिका 34.3 के तहत कदाचार की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर संविदा नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया गया है।

कर्मचारियों की मुख्य मांग

एनएचएम कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण, सेवा शर्तों में सुधार और मानदेय वृद्धि जैसी 10 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। संघ का कहना है कि चुनाव के दौरान नियमितीकरण की गारंटी दी गई थी, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया है।

बर्खास्तगी के आदेश की कॉपी

Youthwings