‘डॉग लवर्स 25,000 और NGO जमा करें 2 लाख रुपये वरना…’ सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश

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नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को लेकर एक अहम आदेश पारित किया है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि वैक्सीनेशन के बाद गली-मोहल्लों के आवारा कुत्तों को उनके इलाके में वापस छोड़ा जाए, लेकिन जिन कुत्तों में आक्रामक प्रवृत्ति पाई जाती है या जो रेबीज से संक्रमित हैं, उन्हें शेल्टर होम में ही रखा जाएगा।

साथ ही, डॉग लवर्स और एनजीओ को इस मामले में शामिल होने के लिए रजिस्ट्री में धनराशि जमा करनी होगी। डॉग लवर्स को ₹25,000 और एनजीओ को ₹2,00,000 की राशि सात दिन के भीतर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में जमा करनी होगी। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें भविष्य में इस मामले में कोर्ट में पेश होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

पिछला आदेश बदला गया

यह आदेश सुप्रीम कोर्ट की विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया की तीन जजों की बेंच ने 22 अगस्त 2025 को सुनाया। इससे पहले, 11 अगस्त 2025 को जस्टिस जेबी पारडीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने यह आदेश दिया था कि कुत्तों को वैक्सीनेशन के बाद भी वापस नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि शेल्टर होम में ही रखा जाएगा।

इस आदेश का डॉग लवर्स और एनजीओ द्वारा भारी विरोध किया गया था, जिसके बाद यह मामला मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई के समक्ष लाया गया और 14 अगस्त को तीन सदस्यीय बेंच ने सुनवाई कर फैसला सुरक्षित रखा था।

कोर्ट के आदेश की मुख्य बातें:

वैक्सीनेटेड कुत्तों को उनके मूल इलाकों में छोड़ा जाए

आक्रामक या रेबीज ग्रस्त कुत्ते शेल्टर होम में ही रहेंगे

कुत्तों को कहीं भी खाना खिलाने की अनुमति नहीं, इसके लिए निर्धारित स्थान बनाए जाएंगे

कोर्ट में दखल देने वाले डॉग लवर्स और एनजीओ को राशि जमा करनी अनिवार्य

समयसीमा: 7 दिन, अन्यथा कोर्ट में पेश नहीं हो सकेंगे

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