‘बहस करनी है तो PM को पत्र लिखें, हम बुलाएंगे संसद का विशेष सत्र’: करनाल में राहुल पर बरसे शाह
करनाल। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। हरियाणा के करनाल में आयोजित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहस की चुनौती देते हैं, लेकिन अगर वे सचमुच चर्चा करना चाहते हैं तो उन्हें सीधे पीएम को पत्र लिखना चाहिए। सरकार इस पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
संसद का विशेष सत्र बुलाने की खुली चुनौती
अमित शाह ने राहुल गांधी द्वारा हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी गई बहस (डिबेट) की चुनौती का जवाब देते हुए कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। उन्होंने कहा कि 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में कोई SIR नहीं थी, फिर भी कांग्रेस बुरी तरह चुनाव हार गई। इसके बाद हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों में भी कोई SIR नहीं था, लेकिन कांग्रेस को हर जगह शिकस्त का सामना करना पड़ा। शाह ने कहा कि अब कांग्रेस दावा कर रही है कि एक करोड़ वोट हटा दिए गए हैं। उन्होंने राहुल गांधी को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे सचमुच बहस चाहते हैं, तो प्रधानमंत्री मोदी को पत्र भेजें, सरकार SIR पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है।
‘अराजकता फैलाना और संसद रोकना कांग्रेस की संस्कृति’
रैली के आयोजन की वजह बताते हुए गृह मंत्री ने कहा कि देश की जनता ने नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार अपना नेता चुना है, जबकि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार हार का सामना कर रही है। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी की संस्कृति में ही यह बात शामिल हो चुकी है कि संसद को काम न करने दिया जाए और देश में अराजकता फैलाई जाए।
राहुल के आने के बाद लगातार घट रहे कांग्रेस के विधायक
अमित शाह ने राहुल गांधी के राजनीतिक ट्रैक रिकॉर्ड पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कोई काम मांगने जाता है तो उसका पुराना अनुभव पूछा जाता है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2007 में जब राहुल गांधी कांग्रेस के महासचिव बने, तब पार्टी के पास 1200 विधायक थे। जब वे उपाध्यक्ष बने तो यह संख्या घटकर 900 रह गई। अध्यक्ष बनने पर विधायकों की संख्या 700 पर आ गई और 2022 में भारत जोड़ो यात्रा निकालने के बाद यह सिमटकर महज 600 रह गई। शाह ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी के आने के बाद से कांग्रेस के विधायक लगातार कम हो रहे हैं, जबकि नरेंद्र मोदी के आने के बाद भाजपा के सांसद और विधायक लगातार बढ़ रहे हैं।
कबड्डी का किस्सा सुनाकर कसा तंज
संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाने को लेकर अमित शाह ने अपने बचपन का संस्मरण साझा किया। उन्होंने कहा कि बचपन में कबड्डी खेलते वक्त उनकी सातवीं कक्षा की टीम हमेशा जीतती थी। लगातार हारने के बाद नौवीं कक्षा की टीम ने अपनी ईगो को शांत करने के लिए बैठक की और तय किया कि जीतने की सबसे अच्छी रणनीति यह है कि रेफरी को ही ‘चीटर’ (धोखेबाज) कह दिया जाए ताकि अपनी जीत पक्की हो सके। शाह ने चुटकी लेते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे राहुल गांधी ने शायद उन्हीं छात्रों की बात सुन ली है।
