कैंसर की 137 दवाएं होंगी सस्ती: 40 हजार रुपये वाली दवा अब सिर्फ 2,720 रुपये में!

कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई दवाओं की कीमतें घटने से मरीजों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने 137 नॉन-शेड्यूल्ड एंटी-कैंसर दवाओं की नई अधिकतम खुदरा कीमतें (MRP) जारी की हैं। इनमें कुछ जेनेरिक और बायोसिमिलर दवाओं के दाम 93 फीसदी तक कम हुए हैं। संशोधित कीमतें 9 नवंबर से लागू होंगी।
दवाओं की कीमतों में यह बदलाव 30 फीसदी ट्रेड मार्जिन कैप लागू होने के बाद किया गया है। हालांकि, सभी कैंसर दवाओं के दाम नहीं घटे हैं। कुछ महंगी ब्रांडेड दवाओं की कीमतें पहले जैसी ही रखी गई हैं।
40 हजार रुपये से घटकर 2,720 रुपये हुई पाल्बोप्रो
कीमतों में सबसे बड़ी कटौती के उदाहरणों में RPG Life Sciences की पाल्बोप्रो शामिल है। पाल्बोसिक्लिब वाली इस दवा के 125 mg के 21 कैप्सूल वाले पैक की कीमत 40,421.33 रुपये से घटाकर 2,720 रुपये कर दी गई है। यानी इसकी कीमत में लगभग 93.3 फीसदी की कमी हुई है। यह दवा कुछ प्रकार के ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में इस्तेमाल की जाती है।
सैमर्थ लाइफ साइंसेज की आईसोजेन के 100 mg और 125 mg कैप्सूल की कीमतों में भी करीब 91 फीसदी से ज्यादा की कटौती हुई है। वहीं, एनास्ट्रोजोल की कुछ ब्रांडेड दवाओं के दाम भी काफी कम किए गए हैं।
वोमाजोल 1 mg: 458.85 रुपये से घटकर 39.52 रुपये।
अनारजोल 1 mg: 695.76 रुपये से घटकर 73 रुपये।
ये कीमतें संबंधित पैक के लिए बताई गई हैं। मरीजों को खरीदारी से पहले पैक पर दर्ज संशोधित MRP की पुष्टि करनी चाहिए।
प्रोस्टेट कैंसर की दवाओं के दाम भी घटे
प्रोस्टेट कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली अबिराटेरोन एसीटेट की दवाओं की कीमतों में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
अबिरालाइव 250 mg की 120 टैबलेट वाली पैक की कीमत 28,000 रुपये से घटकर 4,840 रुपये हो गई है। इसी दवा के दूसरे ब्रांड अबिराट की 120 टैबलेट वाली बोतल की कीमत 36,088.81 रुपये से घटाकर 4,064.48 रुपये कर दी गई है।
इसके अलावा थियोटेपा की सैमटेपा 100 mg वायल की कीमत 80,071.86 रुपये से घटकर 7,150.33 रुपये रह गई है। इस कटौती से इन दवाओं का इस्तेमाल करने वाले मरीजों को पहले के मुकाबले कम कीमत चुकानी पड़ सकती है।
बेवासिजुमैब के ब्रांड्स में कीमतों का बड़ा अंतर
बेवासिजुमैब आधारित दवाओं की कीमतों में भी भारी बदलाव सामने आया है। इवजुमैब 400 mg वायल की कीमत 69,852.12 रुपये से घटाकर 13,512 रुपये कर दी गई है। बेवासिजैब 400 mg की कीमत 65,205.09 रुपये से घटकर 8,956.75 रुपये हो गई है। वहीं, सिजुमैब 400 mg की कीमत 57,816 रुपये से कम होकर 10,211 रुपये रह गई है।
इसके उलट, इसी दवा के ब्रांड अवास्टिन की 400 mg वायल की कीमत करीब 1.24 लाख रुपये बनी हुई है। इससे एक ही सक्रिय दवा के अलग-अलग ब्रांड्स की कीमतों में मौजूद बड़ा अंतर सामने आता है।
पर्टुजुमैब, ओलापैरिब समेत दूसरी दवाएं भी सस्ती
NPPA की संशोधित कीमतों में कई अन्य एंटी-कैंसर दवाएं भी शामिल हैं। पर्टुजुमैब की हर्टुमैब फॉर्मुलेशन की कीमत 94,951 रुपये से घटाकर 30,593 रुपये प्रति वायल कर दी गई है। वहीं, लुपीहेर 420 mg की कीमत 83,520 रुपये से घटकर 37,358.35 रुपये हो गई है।
ओलापैरिब की ब्रैकाओन 150 mg पैक की कीमत 46,364.05 रुपये से घटकर 11,573.68 रुपये रह गई है। इसके अलावा डेनोसुमैब इंजेक्शन, एन्जालुटामाइड, एजासाइटिडिन, डैसाटिनिब, एरलोटिनिब, फ्लूडाराबिन और फुलवेस्ट्रेंट जैसी दवाओं के दामों में भी कटौती की जानकारी दी गई है।
कीट्रूडा और टैग्रिसो के दाम पहले जैसे
जहां कई दवाओं की कीमतें कम हुई हैं, वहीं कुछ महंगी कैंसर दवाओं के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इनमें पेम्ब्रोलिजुमैब वाली कीट्रूडा शामिल है, जिसकी 100 mg वायल की कीमत 2,16,500 रुपये बताई गई है। टैग्रिसो की कीमत में भी बदलाव नहीं हुआ है।
ऐसी दवाओं की कीमतों में बदलाव न होने के पीछे सीमित प्रतिस्पर्धा और बाजार में उपलब्ध विकल्पों जैसे कारण हो सकते हैं। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि सभी कैंसर दवाएं सस्ती हो गई हैं।
27 दवाओं की नई कीमतों का ब्योरा नहीं
137 दवाओं में से 27 की संशोधित कीमतें उपलब्ध फाइलिंग में दर्ज नहीं थीं। इस सूची में अबेमासिक्लिब, कैबोजैन्टिनिब, डैब्राफेनिब, लाजर्टिनिब, सेलपर्सैटिनिब, सोरासिब और वेमुराफेनिब जैसी दवाएं शामिल हैं।
कुल मिलाकर, कैंसर की कई दवाओं की कीमतों में कमी इलाज के खर्च को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। नई दरें 9 नवंबर से लागू होने के बाद मरीजों को संबंधित दवाओं की संशोधित MRP के अनुसार कीमतों की जांच करनी चाहिए।
