झीरम घाटी मामले में आया बड़ा फैसला: 10 आरोपी दोषी करार; कोर्ट ने सुनाई सजा
जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी मामले में कोर्ट ने आज अहम फैसला सुनाया है। मामले में अदालत ने 10 आरोपियों को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। यह प्रकरण वर्ष 2013 में दर्ज FIR से संबंधित है, जिसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने की थी।
झीरम घाटी से जुड़े इस मामले में लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया चल रही थी। केस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश, गैरकानूनी गतिविधियों और हथियारों से जुड़े कई गंभीर प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई थी।
2013 में दर्ज हुई थी FIR
केस रिकॉर्ड के मुताबिक, इस मामले में NIA/Delhi में FIR नंबर 06/2013 दर्ज की गई थी। घटना के बाद प्रकरण की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपी गई और इसके बाद मामले में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी। करीब एक दशक से अधिक समय तक चले इस मामले में अब अदालत ने 10 आरोपियों को अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी ठहराया है।
IPC की कई गंभीर धाराओं में मामला
मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराएं लगाई गई थीं। इनमें धारा 147, 148, 149, 341, 121, 121A, 122, 307, 302, 427, 396, 397 और 120B शामिल हैं। इन धाराओं के तहत दंगा, घातक हथियारों से संबंधित अपराध, गैरकानूनी जमावड़ा, हत्या के प्रयास, हत्या, डकैती और आपराधिक साजिश जैसे आरोपों से संबंधित कार्रवाई की गई थी।
हथियार और विस्फोटक कानून के तहत भी कार्रवाई
आरोपियों के खिलाफ Arms Act, 1959 की धारा 25 और 27 के तहत भी मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा Explosive Substances Act, 1908 की धारा 3, 4 और 5 को भी केस में शामिल किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों पर Unlawful Activities (Prevention) Act यानी UAPA, 1967 की विभिन्न धाराओं के तहत भी कार्रवाई की गई थी।
UAPA की इन धाराओं में दर्ज था केस
केस रिकॉर्ड में UAPA की धारा 16, 18, 20, 38(2), 39(2) और 40(2) का भी उल्लेख है। इन प्रावधानों के तहत आतंकवादी गतिविधियों, साजिश और प्रतिबंधित गतिविधियों से जुड़े आरोपों पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
10 आरोपियों को दोषी ठहराया गया
अदालत के आज के फैसले में कुल 10 आरोपियों को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी माना गया है। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें सजा भी सुनाई है। हालांकि, उपलब्ध केस रिकॉर्ड/स्क्रीनशॉट में प्रत्येक आरोपी के लिए किस धारा में कितने वर्ष की सजा दी गई है, इसका पूरा और स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सजा की सटीक अवधि को लेकर किसी तरह का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।झीरम घाटी मामले में कोर्ट के इस फैसले को लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
