बदलते मौसम के साथ लौटा ‘स्वाइन फ्लू’ का खौफ! H1N1 संक्रमण से इस सीजन की पहली मौत, 10 हजार के पार पहुंची अस्पतालों की OPD

भोपाल/इंदौर। मध्य प्रदेश में बदलते मौसम के कारण वायरल और रेस्पिरेटरी यानि श्वसन तंत्र संक्रमण के मामलों में भारी उछाल आया है। इसी बीच राज्य में स्वाइन फ्लू (H1N1) ने खतरनाक रूप ले लिया है। इंदौर में इस सीजन स्वाइन फ्लू से पहली मौत दर्ज की गई है, जबकि राजधानी भोपाल में 6 नए मरीजों की पुष्टि होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

इंदौर में स्वाइन फ्लू से पहली मौत

स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में इस सीजन H1N1 संक्रमण से पहली मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। 60 वर्षीय मृतका सरोज नागर मूल रूप से उज्जैन की रहने वाली थीं। उनका इलाज इंदौर के कोकिलाबेन अस्पताल में चल रहा था। 31 जुलाई को उनकी तबीयत बिगड़ी थी। इसके बाद 3 अगस्त को आई जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू (H1N1) की पुष्टि हुई। करीब 16 दिनों तक अस्पताल में सघन इलाज चलने के बावजूद महिला की जान नहीं बचाई जा सकी। इस मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे संभाग में सर्विलांस बढ़ा दी है।

भोपाल में बजी खतरे की घंटी, 10 हजार के पार OPD

राजधानी भोपाल में भी स्वाइन फ्लू और मौसमी बीमारियों का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिससे अस्पतालों पर भारी दबाव है। शहर में अब तक स्वाइन फ्लू के 06 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है।

मौसम में हो रहे बदलाव के कारण वायरल और सांस की तकलीफ वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। हालत यह है कि भोपाल के सरकारी अस्पतालों की ओपीडी (OPD) रोजाना 10 हजार के आंकड़े को पार कर गई है।

स्वास्थ्य विभाग का एक्शन और संभावित अलर्ट

लगातार बिगड़ते हालात और इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में हुई मौत के बाद राज्य का स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। स्वाइन फ्लू की ताजा स्थिति की समीक्षा और रोकथाम के लिए आज स्वास्थ्य विभाग की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है।

इस बैठक के तुरंत बाद पूरे प्रदेश के लिए आधिकारिक ‘स्वाइन फ्लू अलर्ट’ और नई गाइडलाइन (SOP) जारी की जा सकती है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

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