छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र: सरकार के खिलाफ कांग्रेस का मोर्चा, अविश्वास प्रस्ताव समेत कई मुद्दों पर होगी घेराबंदी

छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक रणनीति स्पष्ट कर दी है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में निर्णय लिया गया कि सत्र के दौरान राज्य सरकार को विभिन्न जनहित और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर घेरा जाएगा। पार्टी ने 14 जुलाई को सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला भी किया है।

पहले दिन स्थगन प्रस्ताव के जरिए उठेंगे अहम मुद्दे

बैठक में तय किया गया कि मानसून सत्र के पहले दिन अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सदन में स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से उठाया जाएगा। वहीं दूसरे दिन नकटी गांव में ग्रामीणों के मकानों पर हुई कार्रवाई को भी विपक्ष प्रमुख मुद्दा बनाएगा।

इसके अलावा किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में आ रही परेशानियों पर भी सरकार से जवाब मांगने की तैयारी की गई है। कांग्रेस का कहना है कि खेती-किसानी से जुड़े सवालों पर सरकार संतोषजनक व्यवस्था नहीं कर पाई है।

चरणदास महंत बोले- सरकार हर मोर्चे पर विफल

बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मीडिया से बातचीत में राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता से किए गए कई वादों को पूरा करने में असफल रही है।

महंत ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ा है, अवैध रेत खनन से जुड़े मामलों में अपराध बढ़ रहे हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण नहीं है। इन सभी मुद्दों को लेकर कांग्रेस सदन में सरकार को घेरेगी।

नकटी मामले पर विधायकों को दी गई विस्तृत जानकारी

कांग्रेस की बैठक में पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने नकटी गांव से जुड़े पूरे घटनाक्रम पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने ग्रामीणों के मकान हटाने की कार्रवाई, चारागाह भूमि से जुड़े विवाद और प्रशासनिक निर्णयों के विभिन्न पहलुओं से विधायकों को अवगत कराया, ताकि सदन में इस मुद्दे को तथ्यों के साथ उठाया जा सके।

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वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में बनी रणनीति

बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सहित पार्टी के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री मौजूद रहे। केवल दो विधायक बैठक में शामिल नहीं हो सके।

बैठक के दौरान सभी विधायकों से कहा गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े जनहित के मुद्दों को मजबूती के साथ विधानसभा में रखें। साथ ही दीपक बैज के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में तीन वर्ष पूरे होने पर उन्हें शुभकामनाएं भी दी गईं।

पांच दिन के सत्र में तीखी बहस की संभावना

13 जुलाई से शुरू हो रहा छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र पांच दिनों तक चलेगा। हालांकि अवधि छोटी है, लेकिन विपक्ष की रणनीति को देखते हुए सदन में कई मुद्दों पर तीखी बहस और राजनीतिक टकराव की संभावना जताई जा रही है।

इस बार विधानसभा सचिवालय में कुल 1033 प्रश्न जमा किए गए हैं। इनमें 36 विधायकों ने नियमों के अनुसार अधिकतम 20-20 प्रश्न लगाए हैं। इससे साफ है कि सत्र के दौरान सरकार को कई महत्वपूर्ण विषयों पर जवाब देना पड़ सकता है।

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