महादेव सट्टा एप केस: श्रीलंका में 147 भारतीय हाउस अरेस्ट, वीजा-पासपोर्ट जब्त
रायपुर। ऑनलाइन महादेव सट्टा एप से जुड़े कथित नेटवर्क पर कार्रवाई लगातार तेज होती नजर आ रही है। सट्टा किंग सौरभ चंद्राकर की ओमान में गिरफ्तारी की खबरों के बाद अब श्रीलंका में 147 भारतीय युवाओं को हाउस अरेस्ट किए जाने की चर्चा सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में भारत या श्रीलंका की किसी सरकारी एजेंसी की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार, इन भारतीय युवाओं में छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव के अलावा बिहार और उत्तर प्रदेश के भी कई युवक शामिल बताए जा रहे हैं। यह भी दावा किया जा रहा है कि संबंधित युवाओं के पासपोर्ट और वीजा स्थानीय अधिकारियों ने अपने कब्जे में ले लिए हैं।
नौकरी का लालच देकर श्रीलंका भेजे जाने का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे सिकंदर प्रसाद नामक व्यक्ति ने कई युवाओं को निजी कंपनी में रोजगार दिलाने का भरोसा देकर श्रीलंका भेजा था। परिवारों को बताया गया था कि वहां उन्हें लगभग 45 हजार रुपये मासिक वेतन के साथ रहने और खाने की सुविधा भी मिलेगी।
बताया जा रहा है कि कार्रवाई के बाद कई परिजनों को पहली बार यह जानकारी मिली कि उनके बच्चे कथित रूप से ऑनलाइन सट्टा संचालन से जुड़े पैनलों में काम कर रहे थे। फिलहाल यह जानकारी परिजनों और स्थानीय सूत्रों के आधार पर सामने आई है।
सिकंदर प्रसाद की तलाश में पुलिस
सूत्रों का कहना है कि श्रीलंका में हुई कार्रवाई की सूचना मिलने के बाद सिकंदर प्रसाद दुबई से भारत लौट आया, लेकिन अब वह फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। उस पर पहले भी ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े मामलों में भूमिका निभाने के आरोप लग चुके हैं।
इधर, महादेव एप के कथित प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ भारतीय जांच एजेंसियां भी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही हैं। बताया जा रहा है कि उनकी विदेशों में मौजूद कथित संपत्तियों और गतिविधियों से जुड़ी जानकारी संबंधित माध्यमों से साझा की गई है, जिसके बाद जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
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कौन है सिकंदर प्रसाद?
जानकारी के मुताबिक, सिकंदर प्रसाद मूल रूप से दुर्ग जिले के छावनी कैंप क्षेत्र का रहने वाला है। शुरुआती दौर में उसका नाम अवैध शराब और अन्य छोटे आपराधिक मामलों में सामने आया था। बाद में वह कथित तौर पर महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़ गया।
सूत्रों का दावा है कि दुबई और श्रीलंका में कर्मचारियों की जरूरत होने पर वह स्थानीय बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर विदेश भेजने का काम करता था। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के जरिए कितने लोगों को विदेश भेजा गया और उनकी वास्तविक भूमिका क्या थी।
जांच जारी, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल श्रीलंका में 147 भारतीयों के हाउस अरेस्ट होने की खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ इस कथित नेटवर्क के अन्य कड़ियों की भी जांच कर रही है।
