चरित्र शंका में पति बना हैवान, पत्नी का मुंडन कर चेहरे पर पोती कालिख, जबरन पिलाया पेशाब
कोरिया पुलिस ने आरोपी पति जितेंद्र को किया गिरफ्तार, पीड़िता ने चरित्र शंका के चलते प्रताड़ना के लगाए गंभीर आरोप
कोरिया। छत्तीसगढ़ की कोरिया पुलिस ने एक ऐसे आरोपी पति को गिरफ्तार किया है, जिसने अपनी पत्नी के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। आरोपी ने न केवल अपनी पत्नी के साथ मारपीट की, बल्कि चरित्र शंका के चलते उसका मुंडन करवा दिया और उसे बच्चे का पेशाब पीने के लिए मजबूर किया। यह पूरा मामला पटना कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
मिली जानकारी के अनुसार, सूरजपुर जिले के ग्राम रुनियाडीह निवासी आरोपी पति जितेंद्र का अपनी पत्नी तारा बाई के साथ पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था। दोनों ने साल 2006 में प्रेम विवाह किया था और उनके चार बच्चे हैं। पिछले एक साल से तारा बाई पति से अलग पांडवपारा में अपने रिश्तेदार रमेश के घर रह रही थी।
चरित्र शंका के चलते पार की गईं सारी हदें
14 जून को आरोपी पति जितेंद्र ने चरित्र पर शक के चलते पांडोपारा स्थित काटकोना गांव पहुंचकर न सिर्फ पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि उसका मुंडन कर दिया। हैवानियत यहीं नहीं रुकी। आरोपी ने पीड़िता के चेहरे पर कालिख पोती और उसे जबरन बच्चे का पेशाब पिलाया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि आरोपी ने अपनी पत्नी को काफी देर तक बेरहमी से पीटा। पीड़िता की चीखें सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हुए, लेकिन आरोपी के गुस्से के आगे कोई कुछ नहीं कर पाया। बाद में पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
आरोपी का दावा और पुलिस की कार्रवाई
आरोपी पति ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी पहले अपने जीजा और बाद में भांजे के साथ भाग गई थी। वहीं, पीड़िता ने पति पर गंभीर और अमानवीय प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना थाना पुलिस ने आरोपी जितेंद्र के खिलाफ अपराध क्रमांक 167/26 दर्ज किया है।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 185 (गंभीर चोट), 115(2) (आपराधिक बल), 296 (अपमानजनक व्यवहार), 351(2) (हत्या का प्रयास) और 125 (महिला के प्रति क्रूरता) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लेकर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। कोरिया पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है।
यह महिलाओं के खिलाफ बढ़ती घरेलू हिंसा का एक और दर्दनाक उदाहरण है। पीड़िता अब अपने बच्चों के साथ सुरक्षित स्थान पर है और मामले की सुनवाई अदालत में होनी है।
