Bengal Election 2026 में बड़ा ‘खेला’: ‘हजार करोड़ की डील’ का वीडियो लीक! ओवैसी ने हुमायूं कबीर से तोड़ा गठबंधन

Bengal Election 2026

बंगाल चुनाव से पहले बड़ा सियासी उलटफेर, AIMIM ने हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़ा।

 

Bengal Election 2026 : चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है, लेकिन इसी बीच गठबंधन का गणित बदल गया है। हाल ही में साथ आने का ऐलान करने वाली पार्टियां अब अलग राह पर चल पड़ी हैं।

 

असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली AIMIM और हुमायूं कबीर की पार्टी के बीच बना गठबंधन अचानक टूट गया है, जिससे चुनावी रणनीतियों पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।

 

AIMIM ने लिया बड़ा फैसला

 

AIMIM ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है कि वह पश्चिम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ेगी। पार्टी ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं किया जाएगा।

 

यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब Bengal Election 2026 की तैयारी में सभी पार्टी अपनी अपनी पूरी ताकत झोंक रहे है जिससे राज्य में राजनीतिक माहौल तेजी से बदल रहा है और सभी दल अपनी-अपनी रणनीति को मजबूत करने में लगे हैं।

 

विवादित वीडियो बना वजह

 

इस पूरे घटनाक्रम की सबसे बड़ी वजह एक वायरल वीडियो को माना जा रहा है। इस वीडियो में हुमायूं कबीर कथित तौर पर कुछ विवादित बातें करते नजर आए, जिसके बाद सियासी हलचल तेज हो गई।

 

AIMIM ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह किसी भी ऐसे बयान से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिसमें किसी समुदाय की निष्ठा पर सवाल उठाए जाएं।

 

मुस्लिम राजनीति पर फोकस

 

Bengal Election 2026 के मद्देनज़र AIMIM ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में मुस्लिम समुदाय अब भी सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ है। पार्टी ने अन्य दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद इस वर्ग के लिए अपेक्षित काम नहीं हुआ।

AIMIM खुद को एक स्वतंत्र राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है।

 

टीएमसी ने लगाए आरोप

 

Bengal Election 2026 : तृणमूल कांग्रेस ने इस मामले को और गरमा दिया। पार्टी ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि चुनावी फायदे के लिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।

 

इस खुलासे के बाद राजनीतिक माहौल और ज्यादा गर्म हो गया और विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को उठाया।

 

हुमायूं कबीर की सफाई

 

विवाद बढ़ने के बाद हुमायूं कबीर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वायरल वीडियो पूरी तरह फर्जी और एआई से तैयार किया गया है।

 

उन्होंने दावा किया कि उनका किसी भी बीजेपी नेता से कोई संबंध नहीं है और अगर कोई सबूत है तो उसे सार्वजनिक किया जाए।

 

अमित शाह का बयान

 

इस पूरे विवाद पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के वीडियो बनाना संभव है और बीजेपी का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।

 

उन्होंने पश्चिम बंगाल में बेहतर शासन देने का दावा दोहराया और मौजूदा सरकार पर निशाना साधा।

 

चुनावी असर क्या होगा

 

Bengal Election 2026 से पहले इस गठबंधन टूटने का असर चुनावी समीकरण पर साफ दिख सकता है। खासकर उन सीटों पर इसका प्रभाव पड़ेगा जहां मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

Bengal Election 2026

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे वोटों का बंटवारा बदल सकता है और सभी दलों को अपनी रणनीति पर फिर से काम करना होगा।

 

Bengal Election 2026 अब केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि बदलते गठबंधनों और तेज होती सियासत का केंद्र बन चुका है। आने वाले दिनों में और भी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं, जो चुनाव के नतीजों को प्रभावित करेंगे।

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