CG Congress Meeting: संगठन में सुस्ती पर सख्ती, 15 अप्रैल तक जिलाध्यक्षों को काम पूरा करने का अल्टीमेटम

CG Congress Meeting

CG Congress Meeting में कार्यकारिणी गठन की धीमी रफ्तार पर नाराजगी, बूथ और विलेज कमेटी को लेकर दिए सख्त निर्देश

 

CG Congress Meeting:  छत्तीसगढ़ में संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से कांग्रेस पार्टी ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित CG Congress Meeting में जिला अध्यक्षों और प्रभारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करना और जमीनी स्तर पर पार्टी को और सक्रिय बनाना था।

करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में पार्टी नेतृत्व ने सभी जिलाध्यक्षों और प्रभारियों से सीधे संवाद किया। इस दौरान कार्यकारिणी गठन की धीमी गति को लेकर नाराजगी भी जाहिर की गई और स्पष्ट संदेश दिया गया कि संगठनात्मक ढांचे को तय समय-सीमा में पूरा करना अनिवार्य है।

संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा

बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देशों के तहत दिए गए कार्यों की समीक्षा की गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij ने बताया कि सभी जिलाध्यक्षों से उनकी प्रगति के बारे में जानकारी ली गई और जिन क्षेत्रों में काम धीमा है, वहां तेजी लाने के निर्देश दिए गए।उन्होंने यह भी कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए हर स्तर पर जिम्मेदारी तय की गई है और सभी पदाधिकारियों को अपनी भूमिका गंभीरता से निभानी होगी।

बूथ और गांव स्तर पर फोकस

बैठक में बूथ कमेटी और विलेज कमेटी के गठन को लेकर विशेष जोर दिया गया। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि जमीनी स्तर पर मजबूत संगठन ही चुनावी सफलता की कुंजी होता है। इसी वजह से जिलाध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि वे जल्द से जल्द बूथ और गांव स्तर की समितियों का गठन पूरा करें और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करें।

15 अप्रैल तक मिला अल्टीमेटम

बैठक में स्पष्ट रूप से 15 अप्रैल की समय-सीमा तय की गई है। सभी जिलाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि इस तारीख तक संगठनात्मक ढांचे को पूरा करें। यह भी कहा गया कि निर्धारित समय के बाद नए कार्य दिए जाएंगे और उनकी भी नियमित समीक्षा होगी। सूत्रों के अनुसार, कुछ जिलों में कार्यों की धीमी प्रगति को लेकर असंतोष भी जताया गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी अब संगठनात्मक मामलों में सख्त रुख अपनाने जा रही है।

रणनीति पर भी हुई चर्चा

CG Congress Meeting के दौरान आगामी राजनीतिक रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। पार्टी आने वाले समय में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए विभिन्न स्तरों पर योजनाएं तैयार कर रही है। बैठक में यह भी तय किया गया कि कार्यकर्ताओं को अधिक सक्रिय किया जाएगा और जमीनी स्तर पर जनता से जुड़ाव बढ़ाया जाएगा।

भूपेश बघेल का हमला: हेमंता बिस्व सरमा पर दोहरी राजनीति का आरोप

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के बयान पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि हेमंता बिस्व सरमा और भारतीय जनता पार्टी वोट की राजनीति करते हैं और उनकी सोच में दोहरापन साफ नजर आता है। बघेल ने आरोप लगाया कि पहले हेमंता बिस्व सरमा ने गोमांस पर पूर्ण प्रतिबंध की बात कही, लेकिन जब इसका विरोध हुआ तो उन्होंने अपने बयान से यू-टर्न लेते हुए कहा कि घर में या मंदिर से पांच मीटर दूर तक इसका सेवन किया जा सकता है।

इस पर सवाल उठाते हुए बघेल ने कहा कि यह साफ तौर पर राजनीतिक दबाव में लिया गया फैसला है। उन्होंने आगे सवाल किया कि हेमंता बिस्व सरमा बार-बार बांग्लादेश क्यों जाते हैं और इस पर भी स्पष्टीकरण देना चाहिए। बघेल ने कहा कि इस तरह के बयान और रुख से उनकी राजनीति और सोच दोनों पर सवाल खड़े होते हैं।

जिलाध्यक्षों से सीधा संवाद

इस बैठक की खास बात यह रही कि पार्टी नेतृत्व ने सीधे जिलाध्यक्षों और प्रभारियों से बातचीत की। इससे उन्हें जमीनी हकीकत जानने का मौका मिला और समस्याओं को समझकर समाधान निकालने की दिशा में कदम उठाए गए। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस तरह की बैठकों से संगठन में पारदर्शिता आती है और सभी स्तर पर काम करने की गति बढ़ती है।

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