दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म: देर रात खुला विधानसभा सचिवालय, सीट खाली करने की प्रक्रिया शुरू
दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म
दतिया विधायक राजेंद्र भारती को धोखाधड़ी के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद गुरुवार देर रात विधानसभा सचिवालय खोला गया। दिल्ली की विशेष एमपी/एमएलए अदालत द्वारा उन्हें तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद यह कार्रवाई तेज हुई। देर रात प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा सचिवालय पहुंचे और दतिया विधानसभा सीट को रिक्त घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
चुनाव आयोग को पत्र भेजने की तैयारी
जानकारी के अनुसार, प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा ने संबंधित आदेश तैयार कर दतिया सीट को खाली घोषित करने के लिए चुनाव आयोग को पत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान सचिवालय में देर रात तक हलचल बनी रही।
कांग्रेस नेताओं का अचानक पहुंचना, उठाए सवाल
इसी बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेता पीसी शर्मा भी सचिवालय पहुंच गए। दोनों नेताओं ने प्रमुख सचिव के चैंबर में जाकर देर रात सचिवालय खोलने के कारणों को लेकर सवाल किए। हालांकि, अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
कांग्रेस का सरकार पर हमला
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया कि विधायक की सदस्यता खत्म करने के लिए सत्ता के दबाव में रात में सचिवालय खोला गया, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था का मजाक है।
कांग्रेस ने बयान में कहा कि यह संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का उदाहरण है और इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। पार्टी ने इसे राजनीतिक द्वेष से प्रेरित कार्रवाई बताते हुए विरोध जारी रखने की बात कही है।
उपचुनाव की संभावना, कोर्ट ने दी राहत
अदालत ने सजा सुनाने के साथ ही राजेंद्र भारती को जमानत भी दे दी है और उन्हें 60 दिनों का समय दिया है ताकि वे ऊपरी अदालत में अपील कर सकें। अगर उन्हें उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिलती है, तो दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराए जा सकते हैं।

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