गैस संकट की आड़ में काला खेल: प्रदेश में 1100 का सिलेंडर 4 हजार तक बेचा जा रहा

गैस संकट की आड़ में काला खेल

गैस संकट की आड़ में काला खेल

बस्तर में इन दिनों रसोई गैस की कमी की चर्चा तेज हो गई है। अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध और ईरान द्वारा हार्मुज जलमार्ग बंद किए जाने के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसका असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। शहर की कई गैस एजेंसियों में सिलिंडर की कमी की बात सामने आ रही है और उपभोक्ताओं को गैस लेने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।

बुकिंग में ओटीपी की समस्या से बढ़ी परेशानी

गैस बुकिंग की प्रक्रिया में मिस्ड कॉल और ओटीपी अनिवार्य होने के कारण उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कई लोगों का कहना है कि एजेंसी के नंबर पर मिस्ड कॉल देने के बाद भी कई दिनों तक ओटीपी नहीं पहुंच रहा, जिससे बुकिंग नहीं हो पा रही है और गैस मिलने में देरी हो रही है।

गैस की कमी से कई होटल-रेस्टोरेंट बंद

रसोई गैस की कमी का असर शहर के होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर भी पड़ा है। नयापारा स्थित सोमापा रेस्टोरेंट और उससे सटे ओपल फूड जंक्शन पिछले चार दिनों से बंद हैं, जबकि न्यू नरेंद्र टॉकीज के सामने स्थित फेमस बिरयानी रेस्टोरेंट भी पांच दिनों से बंद बताया जा रहा है। ओपल फूड जंक्शन के संचालक संजीव पचौरी के अनुसार गैस सिलिंडर नहीं मिलने के कारण होटल को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। वहीं सोमापा रेस्टोरेंट के संचालक सुमित गुप्ता ने भी गैस की कमी को इसकी मुख्य वजह बताया।

1100 का सिलिंडर 4 हजार तक में बिक रहा

गैस की किल्लत के बीच कालाबाजारी भी तेजी से बढ़ने लगी है। सामान्यतः करीब 1100 रुपये में मिलने वाला घरेलू गैस सिलिंडर इन दिनों 2 हजार से 4 हजार रुपये तक में बेचा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, घरेलू गैस सिलिंडर जो पहले करीब 900 रुपये में मिलता था, वह अब 1900 से 2000 रुपये तक में बिक रहा है। वहीं 1900 रुपये का व्यावसायिक सिलिंडर दलालों द्वारा करीब 4 हजार रुपये में बेचा जा रहा है।

एजेंसी ने सप्लाई में दिक्कत मानी

पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए संवाददाता ने शहर के विभिन्न गैस वितरकों और उपभोक्ताओं से जानकारी जुटाई। एक एलपीजी वितरक ने स्वीकार किया कि रायपुर से गैस का नियमित परिवहन नहीं होने के कारण फिलहाल सीमित मात्रा में ही सिलिंडर उपलब्ध हो पा रहे हैं। वितरक के अनुसार मिस्ड कॉल के बाद ओटीपी आने में देरी इसलिए हो रही है क्योंकि सिस्टम पर अचानक दबाव बढ़ गया है और सप्लाई कम होने से वितरण प्रभावित हो रहा है।

दलाल बोला – ओडिशा से मंगवाते हैं सिलिंडर

स्टिंग ऑपरेशन के दौरान संवाददाता ग्राहक बनकर एक दलाल के पास पहुंचा। दलाल ने प्रति सिलिंडर साढ़े तीन हजार से चार हजार रुपये तक में गैस उपलब्ध कराने की बात कही।उसने दावा किया कि बस्तर से सटे ओडिशा से सिलिंडर दुगनी कीमत पर मंगवाए जाते हैं और परिवहन खर्च जोड़कर जगदलपुर तक पहुंचाए जाते हैं। उसके मुताबिक जोखिम उठाकर सिलिंडर लाने के बाद ही इस तरह की कीमत वसूली जाती है।

खाद्य विभाग बोला – कालाबाजारी पर होगी कार्रवाई

बस्तर जिला खाद्य विभाग के जिला खाद्य नियंत्रक घनश्याम राठौर ने कहा कि जिले में रसोई गैस की आधिकारिक तौर पर कोई कमी नहीं है। यदि कहीं कालाबाजारी या निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूली की शिकायत मिलती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ खाद्य अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग इस तरह की शिकायतों पर निगरानी रख रहा है।

गैस संकट में क्यों बढ़ रही कालाबाजारी

वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर सप्लाई में देरी का फायदा उठाकर दलाल सक्रिय हो गए हैं। एजेंसियों से समय पर गैस नहीं मिलना, ओटीपी और बुकिंग से जुड़ी तकनीकी समस्याएं तथा शादी-समारोह जैसे आयोजनों में अचानक बढ़ी मांग के कारण यह नेटवर्क तेजी से सक्रिय हो रहा है।

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