युद्ध का साइड इफेक्ट: होटल-उद्योगों के लिए कमर्शियल गैस सप्लाई बंद, LPG बुकिंग नियम भी बदला
युद्ध का साइड इफेक्ट
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब ऊर्जा संसाधनों पर भी दिखाई देने लगा है। इसी स्थिति को देखते हुए छत्तीसगढ़ में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। प्रदेश के कई जिलों में गैस वितरण व्यवस्था की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
इसी क्रम में बिलासपुर जिले में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने खाद्य विभाग के अधिकारियों और गैस वितरकों की बैठक लेकर गैस आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जिले में घरेलू एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
कमर्शियल गैस सप्लाई फिलहाल बंद
युद्ध जैसी अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए होटल, उद्योग और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग होने वाले कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल रोक दी गई है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अस्पतालों और स्कूलों जैसी जरूरी सेवाओं को उनकी आवश्यकता के अनुसार गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि जरूरी कार्य प्रभावित न हों।
घरेलू गैस के व्यवसायिक उपयोग पर सख्त रोक
जिला प्रशासन ने गैस एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का किसी भी प्रकार से व्यावसायिक उपयोग नहीं होने दिया जाए। कलेक्टर ने कहा कि गैस एजेंसी संचालक वितरण व्यवस्था पर खुद निगरानी रखें और इसे केवल कर्मचारियों के भरोसे न छोड़ें। यदि किसी भी स्तर पर सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग या अनधिकृत वितरण की शिकायत मिलती है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिले में 4.80 लाख से ज्यादा घरेलू कनेक्शन
बिलासपुर जिले में घरेलू गैस उपभोक्ताओं की संख्या काफी बड़ी है। यहां लगभग 4 लाख 80 हजार घरेलू एलपीजी कनेक्शन हैं। इन उपभोक्ताओं तक गैस सिलेंडर पहुंचाने के लिए तीन ऑयल कंपनियों के कुल 38 गैस वितरक कार्यरत हैं, जिनमें से 22 वितरक केवल बिलासपुर शहर में संचालित हो रहे हैं।
रोजाना 5 हजार सिलेंडरों की डिलीवरी
जिले में प्रतिदिन करीब 5 हजार गैस सिलेंडरों की डिलीवरी की जा रही है और पिछले करीब दस दिनों से इसी दर से गैस की आपूर्ति जारी है। बैठक में यह भी बताया गया कि गैस सिलेंडर की बुकिंग अवधि पहले 21 दिन थी, जिसे अब बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। वहीं गैस वितरकों ने शहर में लागू नो-एंट्री व्यवस्था से राहत देने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी।
कलेक्टर की जनता से अपील
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि गैस को लेकर किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि जिले में गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी को भी घबराकर सिलेंडर का अनावश्यक भंडारण करने की जरूरत नहीं है। बैठक में खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर, एएफओ राजीव लोचन तिवारी, कंपनी के नोडल अधिकारी हेम प्रकाश साहू, गैस वितरक संघ के जिला अध्यक्ष सुभाष जायसवाल सहित जिले के सभी गैस वितरक मौजूद रहे।
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