होली में हुड़दंग! रंग लगाने के बहाने लड़कियों से बदसलूकी के वीडियो वायरल

मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा-वृंदावन में होली का त्योहार दुनिया भर में मशहूर है। यहां की रंग-बिरंगी होली, लठ्ठमार होली और फूलों की होली हर साल लाखों लोगों को खींचती है। लेकिन इस बार की होली गलत वजहों से सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर कई वीडियो और पोस्ट वायरल हो रहे हैं, जिनमें महिलाओं ने बताया है कि होली खेलने के नाम पर कुछ बदमाशों ने उनके साथ छेड़खानी की। ये घटनाएं महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल उठाती हैं और दिखाती हैं कि कैसे कुछ लोग त्योहार को बहाना बनाकर गलत काम करते हैं।

एक वायरल वीडियो में एक लड़की ने अपना दर्द बयान किया। वह कहती है कि वृंदावन की सड़कों पर दर्शन करने जा रही थी, तभी कुछ लड़कों ने उसे घेर लिया। होली के नाम पर उन्होंने जबरन उसके चेहरे और शरीर पर रंग मला और हाथ लगाया। लड़की ने पूछा, “क्या इन आवारा लोगों की वजह से मुझे वृंदावन आना ही छोड़ देना चाहिए?” ऐसी घटनाएं सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई सामने आई हैं। बरसाना में भी एक लड़की सड़क पार कर रही थी, तभी कुछ लड़कों ने होली खेलने के बहाने उसे छेड़ा। सोशल मीडिया पर लोग इसे “बृज की होली को बदनाम करने वाली हरकत” बता रहे हैं।

 

एक और वीडियो में एक लड़के को एक महिला के साथ हाथापाई करते देखा जा सकता है। ये वीडियो देखकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। एक्स (पूर्व ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर यूजर्स कह रहे हैं कि “बुरा न मानो होली है” का मतलब हैरासमेंट का लाइसेंस नहीं है। ये हरकतें बेहद शर्मनाक हैं। त्योहार खुशी और रंगों का है, लेकिन कुछ बदमाश भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं को घेरते हैं, जबरन छूते हैं और रंग लगाते हैं। ये सहमति के बिना किया जाता है, जो साफ-साफ हैरासमेंट है। महिलाओं को देवी कहकर पूजने का दावा करने वाले समाज में ऐसी घटनाएं दिखाती हैं कि असल में महिलाओं की इज्जत और सुरक्षा कितनी कम है। ये लोग होली के नाम पर अपनी घटिया सोच निकालते हैं, जो महिलाओं को डराती है और त्योहार का मजा किरकिरा कर देती है। ऐसी हरकतें न सिर्फ गैरकानूनी हैं, बल्कि समाज को पीछे धकेलती हैं। महिलाएं बिना डर के घूमना चाहती हैं, लेकिन ये बदमाश उन्हें असुरक्षित महसूस कराते हैं।

सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। लोग पब्लिक सेफ्टी और भीड़ कंट्रोल पर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स कह रहे हैं कि आस्था के केंद्र जैसे वृंदावन में ऐसी हरकतें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मनचलों पर सख्त कार्रवाई हो। पुलिस को ज्यादा गश्त बढ़ानी चाहिए, सीसीटीवी लगाने चाहिए और दोषियों को जल्दी पकड़ना चाहिए। ये घटनाएं एक बार फिर पूछती हैं – क्या त्योहारों के नाम पर किसी को जबरन छूना या रंग डालना सही है? बिल्कुल नहीं! सहमति सबसे जरूरी है। महिलाएं भी त्योहार मनाने का हक रखती हैं, बिना किसी डर के।

प्रशासन को जागना चाहिए। अगर ऐसी घटनाएं जारी रहीं, तो महिलाएं और पर्यटक वृंदावन आने से कतराएंगे। होली रंगों और खुशी की होनी चाहिए, न कि हैरासमेंट की। समाज को भी इन बदमाशों का विरोध करना चाहिए, ताकि त्योहार साफ-सुथरा रहे।

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