भारत-EU की ‘मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील’ पर संयुक्त बयान, लाखों नौकरियों और बड़े व्यापार का दावा
भारत-EU
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन के दौरान मुक्त व्यापार समझौते (FTA) समेत कई अहम रणनीतिक समझौतों पर सहमति बनी। इस सम्मेलन ने दोनों पक्षों के बीच आर्थिक, तकनीकी और कूटनीतिक रिश्तों को नई दिशा दी है। इस अवसर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारत के गणतंत्र दिवस 2026 के मुख्य अतिथि रहे।
गणतंत्र दिवस पर पहली बार EU नेतृत्व मुख्य अतिथि
यह पहली बार था जब गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों नेताओं का औपचारिक स्वागत किया। उन्होंने परेड में भाग लेकर भारत-EU सैन्य प्रतिनिधिमंडल का अभिवादन भी किया। यह दौरा भारत-EU संबंधों में बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक माना जा रहा है।
16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन में अहम चर्चा
शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने लोकतंत्र, मानवाधिकार, कानून का शासन और अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था जैसे साझा मूल्यों को मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों, सतत विकास लक्ष्यों, जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता संरक्षण पर सहमति जताई गई।
व्यापार और निवेश को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
नेताओं ने भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए इसकी सफलता का स्वागत किया। यह समझौता व्यापार और निवेश को बढ़ाने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने और दोनों क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि लाने में अहम भूमिका निभाएगा। अनुमान है कि इससे लाखों नए रोजगार सृजित होंगे और करीब 2 करोड़ लोगों के बीच व्यापारिक अवसर विकसित होंगे।
सुरक्षा, रक्षा और तकनीकी सहयोग
भारत-EU सुरक्षा और रक्षा साझेदारी को भी मजबूती देने पर सहमति बनी। इसमें साइबर सुरक्षा, आतंकवाद से मुकाबला, अंतरिक्ष सुरक्षा और समुद्री सुरक्षा शामिल हैं। तकनीकी सहयोग के लिए EU-India Trade and Technology Council को सशक्त करने और AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, 6G तथा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर साझा रुख
दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र और विश्व व्यापार संगठन (WTO) में सुधार, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में मुक्त और शांतिपूर्ण वातावरण तथा वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। यूक्रेन और ईरान जैसे अंतरराष्ट्रीय संकटों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देने पर भी सहमति बनी।
शिक्षा और लोगों के बीच संबंध
शिक्षा, कौशल विकास और लोगों की आवाजाही को बढ़ावा देने के लिए भारत-EU मूवमेंट और शिक्षा संवाद शुरू करने का ऐलान किया गया। उच्च शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण में सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। जलवायु परिवर्तन और स्वच्छ ऊर्जा को लेकर EU-India Green Hydrogen Task Force और Wind Business Summit की घोषणा की गई। इसके अलावा महासागर संरक्षण, मत्स्य पालन, जल सुरक्षा और जैव विविधता जैसे क्षेत्रों में संयुक्त पहल पर भी सहमति बनी।
आगामी AI समिट और अगला शिखर सम्मेलन
नेताओं ने भारत में 19-20 फरवरी 2026 को होने वाले AI Impact Summit का स्वागत किया। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी को 17वें भारत-EU शिखर सम्मेलन के लिए ब्रसेल्स आमंत्रित किया गया। यह सम्मेलन भारत-EU संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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