प्रतिबंध के बावजूद बिक रहा चाइनीज मांझा: रायपुर में छात्र के गाल कटे, भिलाई में ठेका मजदूर गंभीर घायल

चाइनीज मांझे

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देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी प्रतिबंधित चाइनीज मांझे से होने वाले हादसे लगातार सामने आ रहे हैं। पतंगबाजी के दौरान रायपुर और भिलाई में अलग-अलग घटनाओं में छात्र, महिला और ठेका श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। इन घटनाओं ने प्रशासन की सख्ती पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

रायपुर में छात्र के गाल कटे, 34 टांके लगे

पहली घटना राजधानी रायपुर के पंडरी एक्सप्रेस वे की है, जहां छात्र संकल्प द्विवेदी चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया। वह अपनी बड़ी बहन को स्कूल छोड़ने जा रहा था, तभी चलती गाड़ी में उड़ता हुआ मांझा उसके चेहरे में फंस गया।
इस हादसे में छात्र के दोनों गाल बुरी तरह कट गए, जिन्हें डॉक्टरों ने 34 टांके लगाए। छात्र की बहन के हाथों में भी गंभीर कट लगे। छात्र लहूलुहान हालत में अस्पताल पहुंचा।

स्थायी निशान की आशंका, प्लास्टिक सर्जरी की सलाह

डॉक्टरों के अनुसार, चाइनीज मांझे से लगे घाव गहरे होते हैं और इनके स्थायी निशान रह सकते हैं। इसी कारण छात्र को प्लास्टिक सर्जरी कराने की सलाह दी गई है।

महिला भी हुई गंभीर घायल

इससे पहले रविवार शाम करीब 5 बजे रायपुर के लाखेनगर इलाके में एक महिला भी चाइनीज मांझे से गंभीर रूप से घायल हो गई थी। महिला पैदल मंदिर जा रही थी, तभी उड़ता हुआ मांझा उसके चेहरे में उलझ गया। मांझा हटाने की कोशिश में उसके होंठ और अंगूठे पर गहरे कट लग गए।

भिलाई में ठेका श्रमिक के गले में फंसा मांझा

मकर संक्रांति के दिन भिलाई में भी बड़ा हादसा हुआ। कुछ युवक चाइनीज मांझे से पतंग उड़ा रहे थे, तभी साइकिल से घर लौट रहे ठेका श्रमिक के गले में मांझा फंस गया।
घायल की पहचान असलम, निवासी चांदनी चौक कोहका के रूप में हुई है, जो भिलाई इस्पात संयंत्र में ठेका श्रमिक बताया जा रहा है। गंभीर हालत में उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

न्याय की गुहार लगाने पहुंचा छात्र

पंडरी एक्सप्रेस वे हादसे में घायल छात्र संकल्प द्विवेदी नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी से मिला और न्याय की गुहार लगाई। छात्र ने कहा कि ऐसी घटना किसी और परिवार के साथ न हो, इसी उम्मीद से वह मदद मांगने आया है।
नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने पीड़ित छात्र के प्रति संवेदना जताते हुए निगम आयुक्त और जिला कलेक्टर से चाइनीज मांझे की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

प्रतिबंध के बावजूद कैसे बिक रहा चाइनीज मांझा?

इन लगातार हो रही घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा बाजार में कैसे खुलेआम बिक रहा है। एक ओर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल और रायपुर नगर निगम की टीम संयुक्त अभियान चलाकर मांझे की जब्ती कर रही है, वहीं दूसरी ओर हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।

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