लोकसभा में बीजेपी सांसद अरुण गोविल ने की मस्जिदों और मदरसों में CCTV कैमरे लगाने की मांग

नई दिल्ली। लोकसभा के शून्यकाल में मेरठ से बीजेपी सांसद अरुण गोविल ने गुरुवार को मस्जिदों और मदरसों में भी अन्य सार्वजनिक स्थलों की तरह सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग करते हुए एक नई बहस छेड़ दी। उन्होंने इसका आधार सुरक्षा जरूरतों को बताया और साफ किया कि यह किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है।

 

सांसद गोविल ने अपने तर्क में कहा, “देशभर में मंदिर, चर्च, गुरुद्वारे, कॉलेज, अस्पताल, बाजार और ज्यादातर सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे पहले से लगे हैं, जो पारदर्शिता और अपराध नियंत्रण में कारगर हैं। लेकिन मस्जिदों और मदरसों में यह व्यवस्था लागू नहीं है। ये भी बड़े सार्वजनिक स्थल हैं जहां रोजाना भीड़ जुटती है।”

 

उन्होंने इस्लाम के पवित्र स्थल मक्का का उदाहरण देते हुए कहा, “सऊदी अरब ने मक्का और वहाँ के मदरसों में सुरक्षा कारणों से सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। अगर वहाँ सुरक्षा सर्वोपरि है, तो भारत में समान सुरक्षा मानक क्यों नहीं अपनाए जाने चाहिए?”

 

गोविल ने केंद्र सरकार से एक समान राष्ट्रीय सुरक्षा नीति बनाने की अपील की, जिसके तहत मस्जिदों और मदरसों में भी कैमरे अनिवार्य हों। उन्होंने कहा, “सुरक्षा सबके लिए है। इससे हमारा राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र और मजबूत होगा।”

 

उनके इस बयान के बाद सदन में सुरक्षा मानकों पर चर्चा तेज हो गई है। जहाँ एक तरफ इसे आवश्यक सुरक्षा उपाय बताया जा रहा है, वहीं कुछ लोग इसे संवेदनशील मुद्दा मान रहे हैं। हालाँकि, गोविल अपने बयान पर अडिग हैं और कहते हैं कि सुरक्षा के मामले में किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

Youthwings