रायपुर NIT चौपाटी विवाद: युवा कांग्रेसियों ने BJP विधायक मूणत के पोस्टर पर पोती कालिख, FIR दर्ज
रायपुर, 28 नवंबर 2025। रायपुर के NIT चौपाटी (फूड कोर्ट) को हटाए जाने के विवाद ने राजनीतिक तापमान को चरम पर पहुंचा दिया है। बुधवार को युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री व BJP विधायक राजेश मूणत के पोस्टर पर कालिख पोतकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। यह पोस्टर उसी जगह लगाया गया था, जहां पहले नए नालंदा कैंपस के निर्माण की घोषणा हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने छत्तीसगढ़ प्रॉपर्टी डिफेसमेंट एक्ट के तहत FIR दर्ज की, जिसमें युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष विनोद उर्फ भक्कू कश्यप को मुख्य आरोपी बनाया गया है।
पोस्टर वंदालिज्म: युवा कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
26 नवंबर को दोपहर करीब 12:30 बजे यूनिवर्सिटी गेट के पास विकास कार्य से जुड़े एक पोस्टर को युवा कांग्रेसियों ने फाड़ा और कालिख पोत दी। कार्यकर्ताओं ने NIT चौपाटी को अवैध रूप से तोड़ने के खिलाफ नारे लगाए। शिकायतकर्ता दिनेश तिवारी ने बताया कि यह कार्रवाई शांति भंग करने वाली थी। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। BJP विधायक राजेश मूणत ने इसे ‘अराजकता’ करार देते हुए कहा कि कांग्रेस हार के बाद फ्रस्ट्रेशन में ऐसी हरकतें कर रही है। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि यह लोकतांत्रिक विरोध था, जो चौपाटी के खिलाफ BJP की ‘गलत नीतियों’ के विरुद्ध है।
NIT चौपाटी हटाने का पुराना विवाद फिर गरमाया
NIT चौपाटी विवाद 2023 से चल रहा है, जब BJP नेता राजेश मूणत ने इसे छात्रों के लिए असुरक्षित बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। चौपाटी को रायपुर के शिक्षा केंद्र (NIT रायपुर के पास) में विकसित किया गया था, लेकिन मूणत ने नियमों का उल्लंघन का आरोप लगाया। हाल ही में दुकानें आमानाका शिफ्ट कर दी गईं, लेकिन विपक्ष सरकार पर ‘राजनीतिक बदले’ का आरोप लगा रहा है। कांग्रेस का दावा है कि अधिकारियों ने पहले परमिशन दी थी, अब इसे गैर-कानूनी बता रहे हैं। कुछ दिन पहले कांग्रेस नेताओं ने डिप्टी सीएम अरुण साव से मुलाकात कर 7 दिनों में जांच समिति बनाने की मांग की।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें और आंदोलन की धमकी
कांग्रेस ने विवाद सुलझाने के लिए ये मांगें रखी हैं:
– चौपाटी विवाद की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठन।
– जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई।
– राजनीतिक दबाव में निर्णय लेने वाले जनप्रतिनिधियों की भूमिका की जांच।
– भविष्य की ऐसी कार्रवाइयों के लिए स्पष्ट नीति जारी।
मांगें पूरी न होने पर कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि 7 दिनों के अंदर कोई ठोस कदम न उठा तो विपक्षी दल लोकतांत्रिक तरीके से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। युवा कांग्रेस अध्यक्ष भक्कू कश्यप ने कहा, “हम छात्रों और छोटे व्यापारियों के हक के लिए लड़ेंगे। BJP की यह साजिश बर्दाश्त नहीं।”
राजनीतिक बयानबाजी तेज
BJP ने कांग्रेस पर ‘अराजकता फैलाने’ का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने इसे ‘जनता का आक्रोश’ बताया। रायपुर मेयर एजाज धेबर ने भी मामले पर चुप्पी साधी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह विवाद स्थानीय चुनावों से जुड़ा हो सकता है, जहां स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और स्ट्रीट वेंडर्स की समस्या केंद्र में है। पुलिस ने इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है।
