बालाघाट में हेलमेट अभियान का पहला दिन: पूर्व विधायक उमाशंकर मुंजारे की बाइक जब्त, 2300 का जुर्माना
बालाघाट : मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए शुरू हुए हेलमेट अभियान का पहला ही दिन विवादों में घिर गया। बिना हेलमेट और आवश्यक दस्तावेजों के बाइक पर घूम रहे पूर्व विधायक उमाशंकर मुंजारे पुलिस की सख्ती की चपेट में आ गए। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा की मौजूदगी में उनकी बाइक थाने में खड़ी कर दी गई और 2,300 रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
अभियान का शुभारंभ और शुरुआती असर
बालाघाट शहर में 1 नवंबर से शुरू हुए इस अभियान के तहत अधिकांश बाइक सवार अब नियमों का पालन करने लगे हैं। हालांकि, शहर की सीमित सड़कों और छोटे आकार के कारण लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अभियान के पहले दिन ही पूर्व विधायक मुंजारे एसपी आदित्य मिश्रा के साथ गरमागरम बहस में उलझ गए। मुंजारे ने तर्क दिया कि उन्होंने कई अन्य लोगों को बिना हेलमेट के जाते देखा था और कार्रवाई सभी पर समान रूप से होनी चाहिए। वे खुद भी बिना हेलमेट के निकलना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
पूर्व विधायक का विवादित बयान
बहस बढ़ने पर पूर्व विधायक ने एसपी से कहा, “मुझे कानून मत सिखाओ, मैं पूर्व विधायक हूं। मेरे पास कोई दस्तावेज नहीं है, मेरी बाइक चोरी की है—आप पता कर लीजिए।” स्थिति तनावपूर्ण हो गई, लेकिन पुलिस ने नियमों का सख्ती से पालन किया। बिना चालान राशि चुकाए उनकी बाइक को थाने ले जाया गया। वीडियो फुटेज में मुंजारे यह भी कहते दिख रहे हैं कि अन्य लोग बिना हेलमेट के घूम रहे थे, लेकिन केवल उनका ही चालान काटा गया।
एसपी का स्पष्ट संदेश: कानून सबके लिए बराबर
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने कहा, “सड़क सुरक्षा के नियम सभी के लिए समान हैं। चाहे कोई आम नागरिक हो या पूर्व विधायक, बिना हेलमेट वाहन चलाने पर कार्रवाई निश्चित है। कानून के सामने कोई बड़ा-छोटा नहीं है।” एसपी ने जोर देकर कहा कि यह अभियान दुर्घटनाओं को कम करने और जन जागरूकता बढ़ाने के लिए चलाया जा रहा है, और इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
