Collector Conference में सीएम साय का सख्त संदेश, योजनाओं की गहन समीक्षा, शिक्षा से लेकर धान खरीदी तक दिए निर्देश
Collector Conference
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राजधानी रायपुर में Collector-SP Conference 2025 का आयोजन हुआ। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन की नीतियों का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए।
धान खरीदी को लेकर सीएम साय ने सभी कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी जिले में गड़बड़ी पाई गई तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कलेक्टर की होगी।
शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर, “मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” की घोषणा
सीएम साय ने शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि राज्य में अब “मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य 10वीं और 12वीं की परीक्षा परिणामों में सुधार लाना है। उन्होंने निर्देश दिए कि कलेक्टर अपने-अपने जिलों में परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए ठोस योजनाएँ बनाएं।
रायगढ़ जिले की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वहाँ नियमित मंथली टेस्ट और कमजोर विद्यार्थियों के लिए एक्स्ट्रा क्लासेज चलाई जा रही हैं। इसी तरह गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में भी हॉस्टलों में टेस्ट और अतिरिक्त कक्षाएँ आयोजित की गईं, जिससे सकारात्मक परिणाम मिले हैं।
“स्कूलों में ड्रॉपआउट कम करें” – मुख्यमंत्री साय का निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की स्कूलों में 100% उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए शाला विकास समितियों और अभिभावकों की सक्रिय भूमिका जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिया कि सकल नामांकन अनुपात (Gross Enrolment Ratio) को 100 प्रतिशत तक बढ़ाया जाए।
महिला एवं बाल विकास विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग मिलकर बालवाड़ियों को सक्रिय करने के लिए संयुक्त प्रयास करें। बच्चों को दी गई शिक्षण सामग्री अलमारियों में बंद न रहे, बल्कि उसका उपयोग पढ़ाई में किया जाए।
स्थानीय भाषा में शिक्षा से बढ़ी उपस्थिति – बीजापुर मॉडल की सराहना
बीजापुर जिले की तारीफ करते हुए सीएम साय ने कहा कि स्थानीय भाषा में शिक्षा देने से छात्रों की संख्या बढ़ी है और ड्रॉपआउट में कमी आई है। वहाँ 10वीं-12वीं पास स्थानीय युवाओं को प्राथमिक कक्षाओं में गोंडी भाषा में पढ़ाने का अवसर दिया गया है।
सीएम ने निर्देश दिया कि 31 दिसंबर तक सभी विद्यार्थियों के आधार आईडी बन जाएं, ताकि उनकी शैक्षणिक प्रगति का रिकॉर्ड सुनिश्चित हो सके।
धान खरीदी की सख्त निगरानी के निर्देश
सीएम साय ने कहा कि धान खरीदी की प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता होनी चाहिए। उन्होंने प्रभारी सचिवों को जिलों में जाकर संवेदनशील खरीदी केंद्रों की निगरानी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से मॉनिटरिंग बढ़ाई जाएगी और अंतरराज्यीय सीमाओं पर विशेष चौकसी रखी जाएगी ताकि किसी भी तरह की धान की हेराफेरी न हो।
बस्तर और सरगुजा पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी बस्तर और सरगुजा संभाग में विशेष ध्यान दें। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत कोई भी पात्र किसान वंचित न रहे। कलेक्टर तय समय सीमा में योजना का लाभ किसानों तक पहुँचाएं।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर बल
सीएम साय ने कहा कि राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। कलेक्टर नियमित रूप से स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करें।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों में 100% प्रसव सुनिश्चित किया जाए ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।
टीकाकरण और पोषण पर विशेष ध्यान
सीएम साय ने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों का टीकाकरण निर्धारित तिथियों पर अनिवार्य रूप से हो। प्रत्येक मैटरनल डेथ ऑडिट किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि एनआरसी सेंटरों का संचालन सतत रूप से हो, और माताओं व बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
वेलनेस सेंटरों के माध्यम से गैर-संचारी रोगों (NCDs) पर जागरूकता फैलाई जाए। बस्तर के मलेरिया हॉटस्पॉट इलाकों में विशेष अभियान चलाकर प्रदेश को मलेरिया-मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने का लक्ष्य हासिल किया जाए।
