बिरनपुर हिंसा मामला: CBI की जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे, 23 गवाहों के बयान होंगे दर्ज

बिरनपुर हिंसा मामला

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बेमेतरा: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के बिरनपुर हिंसा मामले का ट्रायल बुधवार से रायपुर के स्पेशल कोर्ट में शुरू हो गया है। इस केस की सुनवाई के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने की है और अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

CBI की चार्जशीट में पुलिस टीम पर भी पथराव का जिक्र

CBI की चार्जशीट में बताया गया है कि भीड़ ने पुलिस टीम पर जमकर पत्थरबाजी की थी। घटना स्थल पर पहुंची साजा थाना की पुलिस टीम ने विधायक ईश्वर साहू के पुत्र भुनेश्वर साहू को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ ने पुलिस पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।

ट्रायल में दर्ज होंगे 23 गवाहों के बयान, पेश होंगे ठोस सबूत

ट्रायल में विधायक ईश्वर साहू सहित कुल 23 गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे, जो करीब तीन दिनों तक चलेंगे। इसके साथ ही अदालत में घटनास्थल से जुड़े कई अहम साक्ष्य भी पेश किए जा सकते हैं। प्रारंभिक जांच में 12 आरोपी थे, बाद में जांच के दौरान 6 और नाम शामिल किए गए, जिससे कुल आरोपी संख्या 18 हो गई है। इनमें से 6 आरोपियों पर पुलिस पर पथराव का आरोप है।

बिरनपुर हिंसा की शुरुआत साइकिल टकराव से हुई थी

यह पूरा विवाद 11 अप्रैल 2023 को बच्चों के बीच साइकिल टकराने को लेकर शुरू हुआ था। इसके बाद मारपीट हुई और स्थिति बिगड़ते हुए गांव में पंचायत बुलाने की नौबत आ गई। पंचायत के दौरान मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने ईंट-पत्थर से हमला कर दिया। भीड़ ने भुनेश्वर साहू को पकड़कर मस्जिद के पास की गली में घसीट लिया और बेरहमी से मारपीट की।

भीड़ ने भुनेश्वर साहू को मार-पीटकर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी मौत हुई

CBI की जांच में पता चला है कि आरोपी अब्बास मोहम्मद समेत कई लोगों ने पत्थर, ईंट और चाकू से हमला किया। भुनेश्वर साहू को इतनी गंभीर चोटें आईं कि अस्पताल में उनकी मौत हो गई। उनके पिता और विधायक ईश्वर साहू ने इस मामले में CBI जांच की मांग की थी।

विधायक ईश्वर साहू ने उठाया मामला, CBI जांच का आदेश

बिरनपुर कांड को लेकर विधायक ईश्वर साहू ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। इस पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने इस घटना की जांच CBI को सौंपने की घोषणा की थी।

 

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