White House Shooting: व्हाइट हाउस के पास फायरिंग, नेशनल गार्ड पर अचानक हमला, मची अफरा-तफरी
White House Shooting: अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन डी.सी. में व्हाइट हाउस के करीब बुधवार को हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे देश को चिंता में डाल दिया। हमलावर ने सुरक्षा कर्मियों पर अचानक फायरिंग कर दी, जिसमें वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के दो सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। संदिग्ध हमलावर, जो अफगान नागरिक बताया जा रहा है, को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। सुरक्षा एजेंसियाँ इस घटना की जांच आतंकी हमले की शक की दिशा में कर रही हैं।
घटना का पूरा विवरण
गोलीबारी व्हाइट हाउस से कुछ ही ब्लॉक दूर, 17th और I स्ट्रीट के पास हुई। नेशनल गार्ड के सैनिक ‘हाई-विज़िबिलिटी पेट्रोल’ का हिस्सा थे, तभी संदिग्ध व्यक्ति एक कोने से आया और अचानक उन पर फायरिंग शुरू कर दी।
डीसी पुलिस चीफ के असिस्टेंट जेफ़री कैरोल के अनुसार, यह हमला “टारगेटेड शूटिंग” प्रतीत होता है। घायल सैनिकों को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अमेरिकी नेतृत्व की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उस समय फ्लोरिडा में थे। घटना के तुरंत बाद व्हाइट हाउस को लॉकडाउन कर दिया गया।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कड़े शब्दों में हमले की निंदा की और कहा कि “जिम्मेदार को भारी कीमत चुकानी होगी।” उन्होंने नेशनल गार्ड और कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों की सराहना भी की।
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने बयान जारी करते हुए बताया कि राष्ट्रपति को घटना की पूरी जानकारी दे दी गई है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर रखे हुए है।
घटना के बाद तनावपूर्ण माहौल
गोलीबारी के तुरंत बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल और सीक्रेट सर्विस तैनात कर दी गई। कई मेट्रो स्टेशन और सड़कों को बंद कर दिया गया।
पत्रकारों और आम नागरिकों ने सोशल मीडिया पर घटनास्थल की तस्वीरें और वीडियो साझा किए, जिनमें एम्बुलेंस, पुलिस वाहनों और सुरक्षा घेराबंदी को साफ देखा जा सकता था। प्रेस को व्हाइट हाउस के अंदर मौजूद ब्रीफिंग रूम में शिफ्ट कर दिया गया।
जांच जारी
एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल और डीसी की मेयर म्यूरियल बोउसर ने कहा कि संदिग्ध के इतिहास और मकसद की जांच की जा रही है। चूँकि घटना थैंक्सगिविंग से ठीक पहले हुई, सुरक्षा एजेंसियाँ किसी भी संभावित खतरे को लेकर सतर्क हैं।
