West Bengal Bankura Murder: ‘स्कूल ठीक करो’ मुहिम का खौफनाक अंजाम! CJP वॉलंटियर के घर हमला, पिता की पीट-पीटकर हत्या

West Bengal Bankura Murder

West Bengal Bankura Murder: स्कूल की बदहाली का मुद्दा उठाने वाले CJP वॉलंटियर अब्दुल हफीज के घर हमला, पिता शेख मोहम्मद मफिक की इलाज के दौरान मौत…

West Bengal Bankura Murder: एक सरकारी स्कूल की बदहाली सामने लाने की कोशिश के बाद बांकुड़ा में एक परिवार पर हुए हमले ने पूरे मामले को राजनीतिक रंग दे दिया है। हमले में CJP वॉलंटियर अब्दुल हफीज के पिता की मौत हो गई, आखिर उस रात क्या हुआ था और क्यों इस मामले ने बंगाल की सियासत गरमा दी? पढ़िए पूरी खबर।

West Bengal Bankura Murder: स्कूल की बदहाली उजागर करने निकले CJP वॉलंटियर के पिता की पीट-पीटकर हत्या, 8 गिरफ्तार

West Bengal Bankura Murder: पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले से सामने आई एक घटना ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं, बल्कि एक सरकारी स्कूल की बदहाली को सामने लाने की कोशिश के बाद हुए कथित हमले से जुड़ा है। इस हमले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के वॉलंटियर शेख अब्दुल हफीज के पिता शेख मोहम्मद मफिक गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पुलिस ने इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। एफआईआर में तीन लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं। दूसरी ओर CJP ने इस घटना के लिए बीजेपी से जुड़े लोगों पर आरोप लगाए हैं, जबकि बीजेपी ने किसी भी तरह के संगठनात्मक संबंध से साफ इनकार किया है। ऐसे में अब पुलिस जांच इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी बन गई है।

स्कूल की बदहाली देखने निकले थे अब्दुल हफीज

घटना की शुरुआत 13 अगस्त को हुई बताई जा रही है। CJP के ‘School Theek Karo’ अभियान से जुड़े अब्दुल हफीज अपने इलाके के करिशुंडा पश्चिमपाड़ा प्राथमिक स्कूल पहुंचे थे।

उनका उद्देश्य स्कूल की शैक्षणिक और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को समझना था। इसी दौरान उन्होंने स्कूल के प्रधानाध्यापक काशीनाथ डे से मुलाकात की और स्कूल से जुड़ी समस्याओं पर बातचीत की।

बताया गया कि प्रधानाध्यापक ने उन्हें इन मुद्दों पर बातचीत के लिए अगले दिन दोबारा आने को कहा था।

लेकिन इसके कुछ ही घंटे बाद जो हुआ, उसने पूरे मामले को हिंसक मोड़ दे दिया।

रात में घर में घुसे हमलावर, पहले अब्दुल को बनाया निशाना

आरोप है कि उसी रात कुछ लोग अब्दुल हफीज के घर पहुंचे और परिवार पर हमला कर दिया। हमलावरों के पास कथित तौर पर लाठियां, लोहे की रॉड और अन्य हथियार थे।

बताया गया कि हमलावरों ने सबसे पहले अब्दुल हफीज पर हमला किया। अब्दुल किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।

इसके बाद हमलावरों ने उनके पिता शेख मोहम्मद मफिक को बुरी तरह पीटा।

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मफिक को पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें बर्दवान मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पिता की मौत के बाद बांकुड़ा में बढ़ा तनाव

मफिक की मौत की खबर सामने आते ही इलाके में तनाव बढ़ गया। उनकी पत्नी हसीना बेगम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 8 लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों को जिला अदालत में पेश किया गया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमला किस वजह से किया गया और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका क्या थी।

CJP का दावा- स्कूल से लौटने के बाद हुआ हमला

घटना के बाद CJP ने इसे स्कूल सुधार अभियान से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।

CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका का दावा है कि अब्दुल हफीज जंतर-मंतर पर हुए पार्टी के प्रदर्शन में शुरुआत से शामिल थे और अपने इलाके के प्राथमिक स्कूल की स्थिति सुधारने के लिए काम कर रहे थे।

रांका ने आरोप लगाया कि स्कूल अधिकारियों से बातचीत करके लौटने के बाद अब्दुल के घर पर हमला किया गया और जब उनके पिता ने बीच-बचाव किया तो उन्हें भी बुरी तरह पीटा गया।

हालांकि, ये आरोप CJP की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

बीजेपी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

दूसरी ओर बीजेपी ने हत्या में पार्टी की संलिप्तता के आरोपों को खारिज कर दिया है।

बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि इस घटना से बीजेपी का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि एफआईआर में जिन लोगों के नाम हैं, उनके खिलाफ पुलिस को कानून के मुताबिक कार्रवाई करनी चाहिए।

बीजेपी सांसद सुकांत मजूमदार ने भी घटना की जांच की बात कही और कहा कि यदि ऐसा अपराध हुआ है तो पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।

यानी इस मामले में फिलहाल एक तरफ CJP के गंभीर आरोप हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी की ओर से साफ इनकार। अब पुलिस जांच से ही तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।

इंडियन यूथ कांग्रेस ने भी बढ़ाया मदद का हाथ

मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस ने अब्दुल हफीज और उनके परिवार को कानूनी मदद देने की बात कही है।

संगठन ने एफआईआर में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। यूथ कांग्रेस का कहना है कि एक सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति को सामने लाने की कोशिश के बाद परिवार पर हमला होना बेहद गंभीर मामला है।

पिता को खोकर भी नहीं टूटा अब्दुल का हौसला

इस पूरी घटना का सबसे भावुक पहलू अब्दुल हफीज का बयान है।

पिता की मौत के बाद भी अब्दुल ने स्कूल सुधारने का अपना संकल्प नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा:

“पापा चले गए, लेकिन हम स्कूल ठीक करके रहेंगे।”

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यही बात CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने अब्दुल से वीडियो कॉल पर बातचीत की और भावुक होते हुए कहा कि अब्दुल और उनका परिवार अकेला नहीं है।

दीपके ने अब्दुल से कहा कि “अब तुम हमारी जिम्मेदारी हो।” उन्होंने यह भी कहा कि संगठन हमेशा अब्दुल और उसके परिवार के साथ खड़ा रहेगा।

अभिजीत दीपके ने कहा- अब्दुल का हौसला ही सबसे बड़ा जवाब

अभिजीत दीपके ने अब्दुल की हिम्मत की तारीफ करते हुए कहा कि पिता को खोने के बावजूद वह अपने इलाके के बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए स्कूल सुधारने की बात कर रहा है।

उनके मुताबिक, अब्दुल का यह संकल्प बताता है कि वह अपने पिता की मौत के बाद टूटने के बजाय उनके सपनों और अपने इलाके के बच्चों के भविष्य के लिए लड़ना चाहता है।

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अब सबसे बड़ा सवाल- हमला क्यों हुआ?

बांकुड़ा की यह घटना कई गंभीर सवाल छोड़ गई है। क्या स्कूल की बदहाली को लेकर उठाई गई आवाज ही हमले की वजह बनी? क्या इसके पीछे राजनीतिक विवाद था या कोई व्यक्तिगत दुश्मनी? गिरफ्तार किए गए लोगों की भूमिका क्या थी? और क्या हमले का स्कूल निरीक्षण से कोई सीधा संबंध है?

इन सवालों के जवाब पुलिस जांच और अदालत की आगे की कार्रवाई से ही सामने आएंगे।

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