22 हजार करोड़ का पावर प्लांट और 15 हजार नौकरियां! अहमदाबाद में सीएम मोहन यादव ने रचा नया इतिहास

अहमदाबाद। मध्य प्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। देश के प्रतिष्ठित टोरेंट ग्रुप द्वारा मध्य प्रदेश में 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है। इस विशाल निवेश से प्रदेश में 15 हजार से अधिक युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

12 अगस्त को गुजरात के अहमदाबाद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टोरेंट ग्रुप व टोरेंट पावर लिमिटेड के चेयरमैन समीर मेहता से उच्चस्तरीय चर्चा की। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि टोरेंट ग्रुप का यह बहुआयामी निवेश प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल देगा।

अनूपपुर में 22,000 करोड़ की लागत से 1,600 MW का थर्मल पावर प्लांट

राज्य की बेसलोड बिजली क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए अनूपपुर जिले में 1,600 मेगावाट की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना स्थापित की जा रही है। लगभग 22,000 करोड़ रुपये के निवेश से बन रहे इस प्लांट से 7,000 प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के साथ PPA साइन हो चुका है। भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो गया है और L&T तथा टाटा प्रोजेक्ट्स द्वारा प्री-कंस्ट्रक्शन काम तेजी से जारी है।

पातालकोट पंप्ड स्टोरेज, पवन ऊर्जा और अन्य ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स

टोरेंट ग्रुप राज्य के अलग-अलग जिलों में हरित ऊर्जा और पावर स्टोरेज के क्षेत्र में काम कर रहा है:

छिंदवाड़ा (पातालकोट): 1,500 मेगावाट क्षमता की पंप्ड स्टोरेज परियोजना जिसकी अनुमानित लागत 7,500 करोड़ रुपये मानी जा रही है जिससे 4,000 रोजगार बनने के आसार रहेंगे।

रतलाम व उज्जैन: 250 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजना विकासाधीन है जिसमें लगभग 2000 करोड़ रुपये की लागत लगेगी और 500 रोजगार बनने की संभावना है।

अतिरिक्त थर्मल प्लांट: 800 मेगावाट क्षमता का एक और अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल प्रोजेक्ट लगाया जाएगा जिसमें 11,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और 3,500 रोजगार सृजित होंगे।

धार के पीथमपुर में USFDA अनुमोदित फार्मा यूनिट

ऊर्जा के अलावा टोरेंट ग्रुप धार जिले के पीथमपुर में 300 करोड़ रुपये के निवेश से USFDA अप्रूव्ड फार्मा विनिर्माण इकाई संचालित कर रहा है, जहां 400 से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है।

2,800 MW की मेगा निविदा में भाग लेने का न्योता

भविष्य में राज्य की 2036-37 तक की बिजली जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश सरकार DBFOO मॉडल पर 2,800 मेगावाट क्षमता की पारदर्शी निविदा प्रक्रिया शुरू कर रही है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने टोरेंट पावर को इस विशाल टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आधिकारिक आमंत्रण दिया है।

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