सरकार का पैसा नहीं सुरक्षा चाहिए.. छत्तीसगढ़ के इस क्षेत्र में महिलाओं ने Mahtari Vandan Yojana के पैसे को क्यों ठुकराया? जानिए पूरा मामला…

शराब दुकान हटाने पहुंचीं महिलाओं ने कलेक्टर की टिप्पणी पर जताई नाराजगी, Mahtari Vandan Yojana से तुलना पर उठे सवाल

सरगुजा में शराब दुकान बंद कराने पहुंचीं महिलाओं के प्रदर्शन ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया, जब Mahtari Vandan Yojana का जिक्र सामने आया। महिलाओं ने ऐसा जवाब दिया जिसने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया “हमें महतारी वंदन का पैसा नहीं, गांव की सुरक्षा चाहिए।” आखिर पूरा मामला क्या है? पढ़िए पूरी खबर…

Mahtari Vandan Yojana के जिक्र से गरमाया मामला, महिलाओं ने कहा- “सरकार का पैसा नहीं, गांव की सुरक्षा चाहिए”

जिस महतारी वंदन योजना को सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की पहल बताती है, आज उसी योजना का नाम छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक नए विवाद के केंद्र में आ गया। शराब दुकान बंद कराने कलेक्ट्रेट पहुंचीं महिलाओं से बातचीत के दौरान कथित तौर पर जब कलेक्टर ने कहा कि “जिस तरह महतारी वंदन योजना सरकार की योजना है, उसी तरह शराब दुकान भी शासन की नीति के तहत चल रही है,” तो माहौल अचानक गरमा गया। महिलाओं ने महतारी वंदन योजना के पैसे को ठुकरा दिया। उन्होंने कहा , “हमें सरकार का पैसा नहीं, अपने गांव और परिवार की सुरक्षा चाहिए।”

क्या है पूरा मामला

दरअसल, सरगुजा जिले के दरिमा क्षेत्र में संचालित अंग्रेजी शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। लेकिन यह प्रदर्शन सिर्फ शराब दुकान के विरोध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बातचीत के दौरान एक ऐसी टिप्पणी सामने आई जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।

सरगुजा जिले के दरिमा क्षेत्र में संचालित अंग्रेजी शराब दुकान को बंद कराने की मांग अब बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। मंगलवार को बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। शराब दुकान बंद कराने की मांग को लेकर पहुंचे इस प्रदर्शन ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब बातचीत के दौरान महतारी वंदन योजना का जिक्र सामने आया।

महिलाओं ने कलेक्टर अजीत बसंत को ज्ञापन सौंपते हुए शराब दुकान को हटाने की मांग की। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर नारेबाजी हुई और महिलाओं का गुस्सा साफ दिखाई दिया।

Mahtari Vandan Yojana के जिक्र के बाद बढ़ा विवाद

प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने आरोप लगाया कि कलेक्टर से मुलाकात के दौरान उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें Mahtari Vandan Yojana का लाभ मिल रहा है।

महिलाओं के अनुसार जब उन्होंने योजना का लाभ मिलने की बात स्वीकार की, तब उन्हें कहा गया कि जिस तरह Mahtari Vandan Yojana सरकार की योजना है, उसी तरह शराब दुकान भी शासन की नीति के तहत संचालित हो रही है।

इसी टिप्पणी के बाद मामला और गरमा गया।

Mahtari Vandan Yojana liquor shop protest

महिलाओं ने इस तुलना पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि दोनों मुद्दों की प्रकृति अलग है और उनकी तुलना करना उचित नहीं है।

“Mahtari Vandan Yojana का पैसा नहीं सुरक्षा ज्यादा जरूरी”

प्रदर्शन के दौरान महिलाओं की ओर से आया जवाब अब पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बन गया है।

महिलाओं ने कहा-

“Mahtari Vandan Yojana का पैसा अपनी जगह है, लेकिन हमें गांव में सुरक्षा और शांति चाहिए।”

उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं से मिलने वाली सहायता महत्वपूर्ण है, लेकिन यदि गांव का माहौल सुरक्षित नहीं रहेगा तो उसका असर सीधे परिवारों और बच्चों पर पड़ेगा।

महिलाओं का कहना है कि उनका मुद्दा किसी योजना का विरोध करना नहीं, बल्कि गांव में बढ़ रही समस्याओं को रोकना है।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शन में शामिल संपत्ति यादव, आशा दास, सुमित्रा नायक समेत कई ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कोई कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

फिलहाल यह मामला शराब दुकान के विरोध से आगे बढ़कर महतारी वंदन योजना के संदर्भ और प्रशासनिक टिप्पणी को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है।

यह भी पढ़ें: Kanker News: इलाज के दौरान मासूम बच्ची की मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने निजी अस्पताल में की तोड़फोड़

Kanker News: इलाज के दौरान मासूम बच्ची की मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने निजी अस्पताल में की तोड़फोड़

Youthwings