Kanker News: इलाज के दौरान मासूम बच्ची की मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने निजी अस्पताल में की तोड़फोड़
कांकेर के पखांजूर क्षेत्र में निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक माह की बच्ची की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की।
Kanker News कांकेर जिले के पखांजूर इलाके से सामने आई है, जहां एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक माह की मासूम बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।
गुस्साए लोगों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ कर दी और अस्पताल का सामान सड़क पर फेंक दिया।
डॉक्टर पर रेफर नहीं करने का आरोप
पूरा मामला पखांजूर थाना क्षेत्र के कापसी का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक बच्ची की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
परिजनों का आरोप है कि बीती रात बच्ची की हालत ज्यादा खराब होने पर उन्होंने डॉक्टर से उसे दूसरे अस्पताल रेफर करने की बात कही थी। लेकिन डॉक्टर ने बच्ची की स्थिति सामान्य बताते हुए रेफर करने की जरूरत नहीं होने की बात कही।
Kanker Hospital Negligence News के अनुसार आज सुबह बच्ची की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।

अस्पताल में की गई जमकर तोड़फोड़
बच्ची की मौत की खबर फैलते ही अस्पताल में ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। देखते ही देखते लोगों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया और वहां रखे सामान को सड़क पर फेंक दिया।
घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई और सड़क पर भी लोगों की भीड़ जमा हो गई।
मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार हालात को नियंत्रित करने में जुटी हुई है।
Kanker Hospital Negligence News मामले में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
जांच के आदेश, दोषियों पर होगी कार्रवाई
इस मामले में एसडीएम मनीष देव साहू ने बताया कि फिलहाल अस्पताल को बंद कराया जा रहा है। साथ ही सीएमएचओ को तत्काल जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद क्षेत्र में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते बच्ची को रेफर कर दिया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है और इलाके में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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