देशद्रोह के तहत जेल में बंद शरजील इमाम ने अदालत में लगाई गुहार : ‘जमानत दे दीजिए, बिहार चुनाव लड़ना है’

नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व छात्र और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) विरोधी आंदोलन के दौरान चर्चा में आए शरजील इमाम ने दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत में एक याचिका दायर कर चुनाव लड़ने की अनुमति मांगी है। उन्होंने तर्क दिया कि चुनाव लड़ना उनका संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है।

शरजील इमाम वर्तमान में यूएपीए (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत जेल में बंद हैं। उन पर आरोप है कि वे फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों के कथित मास्टरमाइंड हैं, जिनमें 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक घायल हुए थे।

बिहार की बहादुरगंज सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं शरजील
सूत्रों के अनुसार, शरजील इमाम बिहार की बहादुरगंज विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ना चाहते हैं। वह किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं। उम्मीद है कि अदालत में उनकी याचिका पर आने वाले कुछ दिनों में सुनवाई हो सकती है।

कानून विशेषज्ञों का कहना है कि जमानत पर बाहर आना चुनाव लड़ने की शर्त नहीं है। अतीत में कई नेता जेल में रहते हुए भी चुनाव लड़ चुके हैं और कुछ ने जीत भी दर्ज की है।

जेल से चुनाव जीतने वाले नेताओं की मिसालें
हाल ही में अमृतपाल सिंह और राशिद इंजीनियर ने भी जेल में रहते हुए 2024 के लोकसभा चुनाव में हिस्सा लिया था। दोनों ने जीत हासिल की थी। इनमें से अमृतपाल सिंह को भी UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया था। अब दोनों संसद सदस्य हैं।

शरजील इमाम की गिरफ्तारी और विवादित भाषण
जनवरी 2020 में शरजील इमाम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वे अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में भाषण देते नजर आए थे। आरोप है कि उन्होंने अपने भाषण में “चिकेन नेक कॉरिडोर” को ब्लॉक करने और पूर्वोत्तर भारत को बाकी देश से काटने की बात कही थी।

दिल्ली पुलिस ने इस भाषण को देशविरोधी करार देते हुए उन पर राजद्रोह (धारा 124A), धार्मिक आधार पर दुश्मनी फैलाने (धारा 153A) और अफवाह फैलाने (धारा 505) के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद असम पुलिस ने भी उन पर UAPA के तहत केस दर्ज किया।

28 जनवरी 2020 को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शरजील को बिहार के जहानाबाद से गिरफ्तार किया था।

कौन हैं शरजील इमाम?
शरजील इमाम IIT मुंबई से कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई करने के बाद JNU से मॉडर्न हिस्ट्री की पढ़ाई कर रहे थे। वह जेडीयू के पूर्व नेता अकबर इमाम के बेटे हैं। उनका पैतृक घर जहानाबाद जिले के काको में है, जबकि परिवार लंबे समय से पटना में रह रहा है।

अब अदालत से उनकी याचिका पर आने वाले दिनों में निर्णय होगा कि क्या शरजील इमाम को जेल से चुनाव लड़ने की अनुमति दी जाएगी या नहीं।

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