Rajnandgaon Child Death News: रेलवे के गड्ढे में डूबने से 3 मासूमों की मौत, लापरवाही पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
Rajnandgaon Child Death News: रेलवे कार्य के लिए खोदे गए पानी से भरे गड्ढे में डूबने से तीन स्कूली बच्चों की मौत हो गई
Rajnandgaon Child Death News: स्कूल से लौटे तीन मासूम कुछ ही देर में हमेशा के लिए खामोश हो गए। आखिर कैसे रेलवे के लिए खोदा गया एक गड्ढा तीन परिवारों की जिंदगी उजाड़ गया? पढ़िए इस दर्दनाक हादसे की पूरी कहानी।
Rajnandgaon Child Death News: रेलवे के गड्ढे में डूबने से तीन बच्चों की मौत
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के बोरतलाव थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गांधी नगर रोड पर रेलवे कार्य के लिए एक निजी खेत में खोदे गए गहरे गड्ढे में डूबने से तीन स्कूली बच्चों की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। देर शाम स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन की मदद से बच्चों के शव बाहर निकाले गए, जिसके बाद उन्हें डोंगरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
बारिश का पानी बना मौत का कारण
जानकारी के अनुसार, रेलवे की तीसरी लाइन के निर्माण कार्य के लिए खेत से मुरुम निकाला गया था। खुदाई के बाद गड्ढे को खुला छोड़ दिया गया, जिसमें लगातार बारिश के कारण काफी पानी भर गया था। बताया जा रहा है कि स्कूल से लौटने के बाद तीनों बच्चे नहाने के लिए गड्ढे में उतर गए और गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण डूब गए।
ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इतने गहरे गड्ढे के आसपास न तो कोई सुरक्षा घेराबंदी की गई थी और न ही चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। यदि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए होते तो इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था।
ग्रामीण ने बताई पूरी घटना
स्थानीय ग्रामीण कैलाश ने बताया कि दोपहर करीब 11 से 12 बजे के बीच बच्चों को उस इलाके में देखा गया था। गांव के एक व्यक्ति ने उन्हें वहां से जाने के लिए भी कहा था, लेकिन कुछ देर बाद तीनों बच्चे पानी से भरे गड्ढे में उतर गए और हादसे का शिकार हो गए। उन्होंने बताया कि रेलवे की तीसरी लाइन के निर्माण के लिए यह गड्ढा खोदा गया था।
जनप्रतिनिधियों ने भी उठाए सवाल
जिला पंचायत सदस्य अनीता मांडवी ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए रेलवे प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कई दिनों से छह फीट से अधिक गहरा गड्ढा खुला पड़ा था। यदि पहले ही जाली, बैरिकेडिंग या अन्य सुरक्षा व्यवस्था कर दी जाती, तो तीन मासूमों की जान बचाई जा सकती थी। अब ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
