राजिम कुंभ-कल्प 2026 आज से शुरू: 15 दिनों तक मांस-मदिरा पर पूर्ण प्रतिबंध
राजिम। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित राजिम कुंभ-कल्प 2026 का भव्य आयोजन आज (1 फरवरी 2026) से शुरू हो रहा है। राज्यपाल रमन डेका इस मेले का शुभारंभ करेंगे। माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक चलने वाले इस 15 दिवसीय (1 से 15 फरवरी) कुंभ में लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के त्रिवेणी संगम पर होने वाले इस धार्मिक आयोजन में साधु-संतों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रहेगी।
मांस-मदिरा पर पूर्ण प्रतिबंध
प्रशासन ने मेले के पवित्र वातावरण को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। गरियाबंद कलेक्टर बीएस उइके ने मेले की पूरी अवधि (1 से 15 फरवरी) तक राजिम क्षेत्र में मांस-मटन की बिक्री और पशुवध गृहों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। सभी प्रकार की मांसाहारी दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस एवं राजस्व अमले को सतत निगरानी रखने और अवैध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
15 दिनों का ड्राई डे
प्रदेश शासन ने राजिम कुंभ-कल्प के दौरान नवापारा (जिला रायपुर), मगरलोड (जिला धमतरी) और राजिम (जिला गरियाबंद) क्षेत्र को 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 तक शुष्क दिवस (ड्राई डे) घोषित कर दिया है। इस दौरान सभी प्रकार की देशी-विदेशी मदिरा की खुदरा दुकानें, रेस्टोरेंट-बार, होटल-बार, क्लब, भांग और भांगघोटा की दुकानें पूर्णतः बंद रहेंगी।
किसी भी स्थान पर शराब बेचना या परोसना प्रतिबंधित रहेगा। उच्च श्रेणी के होटल, क्लब और गैर-मालिकाना रेस्टोरेंटों पर भी यह प्रतिबंध लागू रहेगा। किसी भी व्यक्ति द्वारा मदिरा का व्यक्तिगत भंडारण भी निषिद्ध रहेगा। गैर-लाइसेंसी परिसरों में शराब रखने पर कार्रवाई की जाएगी।
अवैध मदिरा पर विशेष अभियान
शासन ने अवैध मदिरा के परिवहन, भंडारण और बिक्री पर रोकथाम के लिए राज्य स्तरीय उड़नदस्ता, संभागीय उड़नदस्ता रायपुर तथा जिला आबकारी विभाग गरियाबंद की टीमों को सक्रिय किया है। ये टीमें मेले के दौरान संभावित स्थानों, वाहनों और दुकानों की नियमित जांच करेंगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज करेंगी।
आमजन से सहयोग की अपील
प्रशासन ने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे धार्मिक पवित्रता बनाए रखने में सहयोग दें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध शराब, भांग या मांसाहारी पदार्थों की बिक्री बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उल्लंघन पर दुकान सील करने से लेकर दंडादेश तक की कार्रवाई की जाएगी।
राजिम कुंभ-कल्प छत्तीसगढ़ का प्रमुख धार्मिक आयोजन है, जहां साधु-संतों, श्रद्धालुओं और यात्रियों की भारी भीड़ होती है। धार्मिक मर्यादा और सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए मेला क्षेत्र को मदिरा और मांस जैसे उत्पादों से मुक्त करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।
