Raipur Loot Case: रायपुर में बेखौफ बदमाश! पुलिस कमिश्नर ले रहे थे बैठक, इधर गैस एजेंसी सुपरवाइजर से 10 लाख की लूट

Raipur Loot Case

Raipur Loot Case: डंगनिया इलाके में गैस एजेंसी के सुपरवाइजर से करीब 10 लाख रुपये की लूट, एक सप्ताह में चौथी बड़ी वारदात से सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल

Raipur Loot Case: राजधानी रायपुर में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि पुलिस अधिकारियों की बैठक के दौरान ही 10 लाख रुपये की लूट हो गई। बदमाशों ने कुछ ही सेकंड में वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए। क्या यह सिर्फ लूट है या इसके पीछे किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका भी है? पढ़िए पूरी खबर…

Raipur Loot Case: गैस एजेंसी सुपरवाइजर से 10 लाख रुपये की लूट

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते नजर आ रहे हैं। डीडी नगर थाना क्षेत्र के डंगनिया इलाके में गैस एजेंसी के एक सुपरवाइजर से करीब 10 लाख रुपये की लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि जिस समय यह घटना हुई, उसी दौरान पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था की समीक्षा को लेकर कंट्रोल रूम में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ले रहे थे।

Raipur Loot Case ने एक बार फिर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले एक सप्ताह के भीतर रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में यह चौथी बड़ी लूट की घटना बताई जा रही है।

भुगतान की राशि लेकर लौट रहा था सुपरवाइजर

जानकारी के मुताबिक टाटीबंध स्थित एचपी गैस एजेंसी के सुपरवाइजर श्रवण साहू को एजेंसी संचालक ने अग्रसेन चौक स्थित एक पार्टी से भुगतान की राशि लेने भेजा था। श्रवण साहू वहां से करीब 10 लाख रुपये लेकर कार से वापस एजेंसी लौट रहे थे।

इसी दौरान गैस एजेंसी को एक उपभोक्ता की ओर से गैस लीकेज की शिकायत मिली। एजेंसी संचालक ने श्रवण को रास्ते में ही ग्राहक की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए और उसका लोकेशन भेज दिया।

ग्राहक के घर पहुंचते ही हुई वारदात

पुलिस के अनुसार श्रवण साहू डंगनिया बाजार के पास एक गली में स्थित ग्राहक के घर पहुंचे। जैसे ही उन्होंने कार रोकी और नकदी से भरा बैग लेकर नीचे उतरे, बाइक सवार तीन युवक वहां पहुंचे।

बदमाशों ने पलक झपकते ही उनके हाथ से नोटों से भरा बैग छीना और तेज रफ्तार में फरार हो गए। पूरी घटना कुछ ही सेकंड में हुई, जिससे आसपास मौजूद लोग भी कुछ समझ नहीं पाए।

रेकी और अंदरूनी जानकारी की आशंका

Raipur Loot Case के तरीके को देखते हुए पुलिस को संदेह है कि आरोपियों को नकदी की जानकारी पहले से थी। जिस सटीक तरीके से सुपरवाइजर को निशाना बनाया गया, उससे यह आशंका मजबूत हो रही है कि बदमाशों ने पहले से रेकी की थी।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं किसी कर्मचारी या जानकार व्यक्ति ने भुगतान और नकदी ले जाने की सूचना अपराधियों तक तो नहीं पहुंचाई थी। अंदरूनी मिलीभगत की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा रहा है।

सीसीटीवी फुटेज में मिले अहम सुराग

घटना के बाद पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। आसपास लगे कई सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए हैं, जिनमें कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देने की बात सामने आई है।

तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। शहरभर में नाकेबंदी कर बदमाशों की तलाश तेज कर दी गई है।

Raipur Loot Case

हफ्तेभर में चौथी बड़ी लूट

राजधानी और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही लूट की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में अभनपुर में बैंक मित्र से चाकू की नोक पर लूट हुई थी। टिकरापारा के कमल विहार में युवक से नकदी, मोबाइल और बाइक लूट ली गई थी। वहीं धरसींवा क्षेत्र में ट्रांसपोर्टर पर हमला कर बदमाशों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया था।

अब गैस एजेंसी सुपरवाइजर से लाखों रुपये की लूट ने पुलिस की कार्यप्रणाली और अपराध नियंत्रण व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

जल्द होगी गिरफ्तारी: डीसीपी

डीसीपी वेस्ट संदीप पटेल ने बताया कि डंगनिया में हुई लूट की घटना के संबंध में कई महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।

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