Raipur Honey Trap Gang का पर्दाफाश, अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर ऐंठे लाखों रुपये
Raipur Honey Trap Gang: नशीला पदार्थ पिलाकर आपत्तिजनक वीडियो बनाने और वायरल करने की धमकी देकर लाखों रुपये वसूलने का आरोप
Raipur Honey Trap Gang: क्या दोस्ती के नाम पर रची गई थी पूरी साजिश? कैसे एक महिला को कमरे में बुलाकर बनाया गया ब्लैकमेलिंग का शिकार और आखिर पुलिस ने किन सबूतों के आधार पर दो महिलाओं को गिरफ्तार किया? पढ़िए इस सनसनीखेज हनीट्रैप केस की पूरी कहानी।
Raipur Honey Trap Case: दोस्ती के बहाने कमरे में बुलाया, फिर बनाया अश्लील वीडियो… 2 महिलाओं ने ऐसे वसूले 2.17 लाख, पुलिस ने खोला बड़ा राज
Raipur Honey Trap Case: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से हनीट्रैप का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जिन पर एक महिला को जाल में फंसाकर उसकी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाने, फिर उन्हें सोशल मीडिया और परिवार वालों के बीच वायरल करने की धमकी देकर लाखों रुपये वसूलने का आरोप है। इस खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
दोस्ती का भरोसा बना ब्लैकमेलिंग का हथियार
पुलिस के अनुसार, गांधी नगर बीरगांव निवासी एक निजी फैक्ट्री में काम करने वाली महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी परिचित महिला ने उसे अशोक नगर श्मशान घाट के पास स्थित अपने घर बुलाया। वहां पहले से मौजूद दूसरी महिला के साथ मिलकर उसे कथित तौर पर नशीला पदार्थ मिला पेय पिलाया गया। इसके बाद उसकी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए गए।
पीड़िता का आरोप है कि बाद में दोनों महिलाओं ने वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया तथा परिवार के लोगों को भेजने की धमकी देकर लगातार ब्लैकमेल किया और उससे करीब 2 लाख 17 हजार रुपये वसूल लिए।

पुलिस जांच में सामने आई सच्चाई
शिकायत मिलने के बाद रायपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। अधिकारियों ने बैंक ट्रांजैक्शन, भुगतान के तरीके और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद दोनों महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, अवैध वसूली और अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
कई अहम पहलुओं की हो रही जांच
पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इस वारदात में केवल दो महिलाएं शामिल थीं या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इसी तरीके से अन्य लोगों को भी निशाना बनाया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े डिजिटल सबूत, मोबाइल फोन और बैंक रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद इस पूरे हनीट्रैप नेटवर्क से जुड़े और भी खुलासे हो सकते हैं।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के बुलावे पर बिना पर्याप्त जानकारी के सुनसान या निजी स्थान पर जाने से बचें। यदि कोई ब्लैकमेल करने या निजी फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी दे, तो डरने की बजाय तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
