जमानत मिलते ही निकाला जुलूस, वायरल वीडियो बना सबूत.. आदतन अपराधी को दोबारा भेजा गया जेल
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक आदतन अपराधी की जमानत पर रिहाई ज्यादा देर टिक नहीं पाई। 21 वर्षीय दुर्गेश महंत, जो कोतरा रोड क्षेत्र का निवासी है, जेल से छूटते ही शहर में जुलूस निकालकर अपनी रिहाई का प्रदर्शन करने लगा। लेकिन उसका यह प्रदर्शन कानून व्यवस्था पर सीधा हमला बन गया। इस जुलूस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और कुछ ही घंटों में वह फिर से पुलिस की गिरफ्त में आ गया।
दुर्गेश महंत लगभग तीन महीने से थाना जूटमिल क्षेत्र में दर्ज मारपीट के एक मामले में जेल में बंद था। हाल ही में उसे जमानत मिली, जिसके बाद उसने अपने साथियों के साथ खुलेआम जुलूस निकाला। जुलूस के दौरान ढोल-ढमाके और आतिशबाजी की भी खबरें सामने आई हैं। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल गया, जिससे आम जनता और पीड़ित परिवार में आक्रोश फैल गया।
जैसे ही मामला वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में आया, कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। थाना स्टाफ और साइबर सेल की मदद से आरोपी की पहचान और लोकेशन ट्रेस की गई और दुर्गेश को दोबारा गिरफ्तार कर थाने लाया गया। पूछताछ में उसने वीडियो में दिख रही गतिविधियों को स्वीकार भी कर लिया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दुर्गेश महंत कोतवाली सहित रायगढ़ के अन्य थानों में कई संगीन मामलों में शामिल रहा है और उसे आदतन अपराधी के रूप में जाना जाता है। उसकी आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने उसे BNSS की धारा 170, 126 और 135(3) के तहत इस्तगासा क्रमांक 145/2025 के अंतर्गत मामला दर्ज किया। बाद में उसे एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पुनः जिला जेल रायगढ़ भेज दिया गया।
पुलिस ने साफ कर दिया है कि जमानत का मतलब यह नहीं कि कानून की अवहेलना की जाए। जमानत पर रिहा व्यक्ति को आचरण में सावधानी बरतनी होती है, लेकिन दुर्गेश महंत ने रिहाई के बाद कानून का मज़ाक उड़ाते हुए समाज में दहशत फैलाने की कोशिश की। पुलिस प्रशासन ने इस त्वरित कार्रवाई से यह संदेश दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है।
रायगढ़ पुलिस ने यह भी अपील की है कि अगर कोई व्यक्ति कानून का उल्लंघन करता है या ऐसा कोई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आता है, तो नागरिक तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दें। इससे कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन को सहयोग मिलेगा।
