‘यूक्रेन में सेना भेजी तो सीधा रूस से होगा युद्ध’: BRICS से पुतिन की यूरोपीय देशों को दो टूक चेतावनी
नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण संघर्ष के पांचवें वर्ष में प्रवेश करने के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोपीय देशों को बेहद सख्त और दो टूक चेतावनी दी है। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने नई दिल्ली पहुंचे पुतिन ने स्पष्ट किया कि यदि यूरोपीय देशों ने यूक्रेन की धरती पर अपने सैनिकों की तैनाती की, तो इसे सीधे तौर पर ‘रूस के साथ युद्ध’ की औपचारिक घोषणा माना जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि रूस की यूरोप को बेवजह धमकाने या संघर्ष बढ़ाने की कोई मंशा नहीं है।
‘यूरोप को रूस से डरने की जरूरत नहीं, लेकिन सीमाएं तय हैं’
रूसी राष्ट्रपति ने यूरोपीय मुल्कों की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि यूरोप को रूस से किसी काल्पनिक खतरे को लेकर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि “रूस की ओर से यूरोप के लिए न कभी कोई खतरा था और न आज है। हम यूरोपीय देशों को कोई धमकी नहीं दे रहे हैं और न ही भविष्य में ऐसा करने वाले हैं। आखिर हम ऐसा क्यों करेंगे? यूरोप के साथ किसी नए संघर्ष का हमारे पास कोई आधार नहीं है।”
पुतिन ने द्वितीय विश्व युद्ध और सोवियत संघ के विघटन के बाद की वैश्विक व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए कहा कि उस समय जो भी समझौते हुए थे, वे रूस की सहमति से लागू किए गए थे। उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं के विपरीत उठाया जाने वाला कोई भी एकतरफा कदम रूस के संप्रभु हितों के खिलाफ होगा और यह अंतरराष्ट्रीय कानून तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन होगा। इसके बाद उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अब यूरोपीय देश यूक्रेन में अपनी सेना भेजने पर विचार कर रहे हैं, जिसका एकमात्र अर्थ रूस के साथ सीधी जंग होगा।
पांचवें साल में पहुंचा संघर्ष, अमेरिकी मध्यस्थता की कोशिशें जारी
फरवरी 2022 में शुरू हुआ रूस-यूक्रेन युद्ध अब अपने पांचवें साल में प्रवेश कर चुका है। इस पूरे दौर में नाटो और कई यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को भारी वित्तीय और सैन्य सहायता उपलब्ध कराई है। दूसरी ओर, अमेरिका संघर्ष को समाप्त कराने और दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने के लिए मध्यस्थ की भूमिका तलाश रहा है। इसी महीने अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने मॉस्को का दौरा करने के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से व्यक्तिगत मुलाकात कर शांति वार्ता के विकल्पों पर चर्चा की थी।
दिल्ली में पीएम मोदी और पुतिन के बीच 2030 का आर्थिक रोडमैप
राष्ट्रपति पुतिन इस समय 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सिलसिले में भारत में हैं। शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन के बीच औपचारिक उद्घाटन से पहले द्विपक्षीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने भारत-रूस के ऐतिहासिक व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ करने पर जोर दिया। वार्ता के दौरान ‘प्रोग्राम फॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन 2030’ के त्वरित क्रियान्वयन के साथ-साथ रक्षा, उन्नत तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, आधुनिक बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को नई ऊंचाई पर ले जाने पर विस्तृत सहमति बनी।
