Politics on Yamuna: छठ से पहले यमुना साफ? बीजेपी-आप में तीखी जुबानी जंग
Politics on Yamuna: दिल्ली में छठ पर्व से पहले यमुना नदी की सफाई को लेकर सियासत गर्मा गई है। दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने दावा किया है कि इस बार यमुना का पानी पहले से कहीं ज्यादा साफ है। उन्होंने कहा कि “छठ से पहले यमुना की जल गुणवत्ता में सुधार हुआ है,” और इसके सबूत के तौर पर फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया के आंकड़े पेश किए।
हालांकि, आम आदमी पार्टी (AAP) ने बीजेपी के इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए चुनौती दी कि अगर यमुना वाकई साफ है, तो मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को उसका पानी पीकर दिखाना चाहिए।
आप का पलटवार:
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि “यमुना में अभी भी सीवेज और गंदगी भरी हुई है। बीजेपी के नेता लोगों को गुमराह कर रहे हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने जानबूझकर यमुना सफाई की ‘आप’ सरकार की योजनाओं में अड़ंगे डाले थे। भारद्वाज ने कहा, “अगर बीजेपी को लगता है कि नदी साफ है, तो मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को यमुना का पानी पीकर दिखाना चाहिए।”
बीजेपी का जवाब:
प्रवेश वर्मा ने पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) की रिपोर्ट के मुताबिक यमुना के कई इलाकों में बैक्टीरिया की मात्रा में भारी गिरावट आई है।
वर्मा के अनुसार –
निज़ामुद्दीन में फीकल कोलीफॉर्म 11 लाख से घटकर 7,900 यूनिट रह गया।
ओखला में 18 लाख से घटकर 2,700 यूनिट।
आगरा नहर में 22 लाख से घटकर 1,600 यूनिट।
उन्होंने कहा कि “आप सरकार के समय डीपीसीसी ने कोई रिपोर्ट जारी नहीं की थी, जबकि अब साफ सुधार दिख रहा है।”
आप का फिर से वार:
सौरभ भारद्वाज ने एक्स (Twitter) पर डीपीसीसी की 23 अक्टूबर की रिपोर्ट साझा करते हुए कहा कि “यमुना का पानी नहाने लायक भी नहीं है।” उन्होंने दावा किया कि “नदी में मानव अपशिष्ट की खतरनाक मात्रा मौजूद है और हरियाणा सरकार द्वारा पानी का प्रवाह रोकने से हालात और बिगड़ेंगे।”
