PM Modi Somnath Visit: सोमनाथ मंदिर से पीएम मोदी का बड़ा संदेश, पोखरण परमाणु परीक्षण को किया याद

PM Modi Somnath Visit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रम में हिस्सा लिया और पोखरण परमाणु परीक्षण को याद किया।

PM Modi Somnath Visit को लेकर सोमवार को गुजरात के सोमनाथ मंदिर में भव्य आयोजन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित ‘सोमनाथ अमृत पर्व-2026’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की और देश के परमाणु सामर्थ्य, सांस्कृतिक विरासत तथा भारत की आध्यात्मिक शक्ति को लेकर बड़ा संदेश दिया।

प्रधानमंत्री ने 11 मई 1998 को हुए पोखरण परमाणु परीक्षण को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उस समय दुनिया ने भारत को दबाने की कोशिश की थी, लेकिन देश डरा नहीं और मजबूती से खड़ा रहा।

 

पोखरण परमाणु परीक्षण को किया याद

PM Modi Somnath Visit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन इसलिए भी खास है क्योंकि इसी दिन भारत ने 11 मई 1998 को पोखरण परमाणु परीक्षण किया था।

उन्होंने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों ने उस समय देश की ताकत और क्षमता को पूरी दुनिया के सामने रखा था। प्रधानमंत्री ने कहा कि परमाणु परीक्षण के बाद दुनिया में हलचल मच गई थी और कई बड़े देशों ने भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की।

प्रधानमंत्री ने कहा, “दुनिया पूछने लगी थी कि भारत कौन होता है परमाणु परीक्षण करने वाला। कई शक्तियां भारत को दबाने मैदान में उतर आई थीं।”

 

‘हम किसी और मिट्टी के बने हैं’

PM Modi Somnath Visit में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि परमाणु परीक्षण के बाद भारत के लिए कई रास्ते बंद कर दिए गए थे।

उन्होंने कहा कि जब दुनिया की बड़ी शक्तियां किसी देश पर दबाव बनाती हैं, तो हालात मुश्किल हो जाते हैं। लेकिन भारत ने कभी हार नहीं मानी।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हम किसी और मिट्टी के बने हैं। हम डरे नहीं, बल्कि डटे रहे।”

उन्होंने आगे कहा कि भारत ने पोखरण परमाणु परीक्षण को “ऑपरेशन शक्ति” नाम दिया था, क्योंकि भारत की परंपरा में शिव और शक्ति का विशेष महत्व है।

 

सोमनाथ मंदिर और शिवशक्ति का जिक्र

PM Modi Somnath Visit के दौरान प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर और शिवशक्ति की अवधारणा को भी जोड़ा।

उन्होंने कहा कि जब चंद्रयान मिशन सफल हुआ था, तब चंद्रमा पर जिस स्थान पर रोवर उतरा, उसका नाम “शिवशक्ति पॉइंट” रखा गया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय आस्था में चंद्रमा का संबंध भगवान शिव से माना जाता है और इसी कारण इस ज्योतिर्लिंग को “सोमनाथ” कहा जाता है।

उन्होंने कहा, “जिसके नाम में ही सोम हो, उसे कौन नष्ट कर सकता है?”

 

सोमनाथ मंदिर की ऐतिहासिक यात्रा

PM Modi Somnath Visit में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर के इतिहास का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि इतिहास में कई आक्रमणकारियों ने सोमनाथ मंदिर को नष्ट करने की कोशिश की, लेकिन मंदिर हर बार फिर खड़ा हुआ।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मंदिर को तोड़ने वाले भारत की आध्यात्मिक और वैचारिक शक्ति को समझ नहीं पाए।

उन्होंने कहा, “हम शरीर को नश्वर मानते हैं, लेकिन आत्मा को अविनाशी मानते हैं। शिव तो सर्वात्मा हैं।”

75 साल पूरे होने पर विशेष आयोजन

PM Modi Somnath Visit के तहत सोमनाथ मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने पर “सोमनाथ अमृत महोत्सव” मनाया गया।

इस अवसर पर मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने 11 तीर्थों के पवित्र जल से महापूजा की।

इसके अलावा मंदिर के शिखर का विशेष अभिषेक भी किया गया। बताया गया कि लगभग 90 मीटर ऊंची क्रेन की सहायता से मंदिर के शिखर पर अभिषेक किया गया।

 

हेलिकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा

PM Modi Somnath Visit के दौरान कार्यक्रम को और भव्य बनाने के लिए विशेष आयोजन किए गए।

इस दौरान चेतक हेलिकॉप्टर द्वारा मंदिर परिसर पर पुष्प वर्षा की गई। वहीं भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम ने मंदिर के ऊपर लगभग 15 मिनट तक शानदार एयर शो प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

 

नई चेतना यात्रा की बात

PM Modi Somnath Visit में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 75 वर्ष पहले सोमनाथ मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के साथ एक नई चेतना यात्रा शुरू हुई थी।

उन्होंने कहा कि आज वही चेतना यात्रा और व्यापक रूप में देश के सामने है और इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाना है।

प्रधानमंत्री ने भगवान सोमनाथ से देश की प्रगति और शक्ति के लिए आशीर्वाद भी मांगा।

 

सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संदेश

PM Modi Somnath Visit को केवल धार्मिक कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय शक्ति के संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत की आध्यात्मिक परंपरा, वैज्ञानिक क्षमता और राष्ट्रीय आत्मविश्वास को जोड़ते हुए देशवासियों को प्रेरित करने की कोशिश की।

 

राजनीतिक और राष्ट्रीय महत्व

PM Modi Somnath Visit का राजनीतिक और राष्ट्रीय महत्व भी माना जा रहा है।

एक ओर प्रधानमंत्री ने भारत की सांस्कृतिक विरासत का जिक्र किया, वहीं दूसरी ओर पोखरण परमाणु परीक्षण को याद कर राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्यक्रम के जरिए भारत की सांस्कृतिक पहचान और वैज्ञानिक उपलब्धियों को एक साथ प्रस्तुत किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया और भारत की सांस्कृतिक शक्ति, आध्यात्मिक विरासत और वैज्ञानिक उपलब्धियों को याद किया। उन्होंने पोखरण परमाणु परीक्षण को भारत के आत्मविश्वास और सामर्थ्य का प्रतीक बताते हुए कहा कि देश हर चुनौती के सामने मजबूती से खड़ा रहा है। सोमनाथ अमृत महोत्सव का आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ राष्ट्रीय गर्व का भी प्रतीक बनकर सामने आया।

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