PM Modi Netherlands Speech: द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए बोले पीएम मोदी- दुनिया संकटों से घिरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। उन्होंने वैश्विक संकट, स्टार्टअप्स, सेमीकंडक्टर और भारत-नीदरलैंड साझेदारी पर बात की।
PM Modi Netherlands Speech के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड के द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका, स्टार्टअप क्रांति, सेमीकंडक्टर मिशन और दुनिया के मौजूदा संकटों पर विस्तार से अपनी बात रखी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग शामिल हुए और “मोदी-मोदी” के नारों के साथ प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत भारतीय समुदाय के उत्साह और प्यार की सराहना करते हुए की। उन्होंने कहा कि द हेग में मौजूद भारतीयों का उत्साह देखकर उन्हें ऐसा लगा जैसे वे भारत के किसी बड़े उत्सव में शामिल हों।
भारतीय समुदाय के प्यार से भावुक हुए पीएम मोदी
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,
“इतना प्यार और उत्साह देखकर मैं एक पल के लिए भूल गया कि मैं नीदरलैंड में हूं। ऐसा लगा जैसे मैं भारत के किसी उत्सव में शामिल हूं।”
उन्होंने कहा कि द हेग अब भारत और नीदरलैंड की दोस्ती का जीवंत प्रतीक बन चुका है। कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के लोगों ने तिरंगा लहराकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय भारत की संस्कृति, परंपरा और मूल्यों के सबसे बड़े प्रतिनिधि हैं।
डच नेतृत्व हमेशा भारतीयों की तारीफ करता है
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब भी उनकी नीदरलैंड के नेताओं से बातचीत होती है, वे भारतीय समुदाय की प्रशंसा जरूर करते हैं।
उन्होंने कहा,
“डच नेतृत्व हमेशा भारतीय डायस्पोरा की तारीफ करता है। नीदरलैंड की अर्थव्यवस्था और समाज में भारतीयों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीयों ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और अनुशासन से दुनिया भर में सम्मान हासिल किया है।
भारत-नीदरलैंड साझेदारी पर दिया जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और नीदरलैंड के बीच बढ़ती साझेदारी को भी नई दिशा देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि नीदरलैंड यूरोप में भारतीय कारोबार के लिए “नेचुरल गेटवे” बन सकता है। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, टेक्नोलॉजी, जल प्रबंधन, कृषि और इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग तेजी से बढ़ रहा है।
उन्होंने भारतीय समुदाय को दोनों देशों के बीच “भरोसेमंद पुल” बताया।
ट्यूलिप और कमल के जरिए दोस्ती का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्यूलिप और कमल के उदाहरण के जरिए भारत और नीदरलैंड की दोस्ती को समझाया।
उन्होंने कहा कि जिस तरह नीदरलैंड ट्यूलिप के फूलों के लिए जाना जाता है, उसी तरह भारत कमल के लिए पहचाना जाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा,
“ट्यूलिप और कमल दोनों हमें सिखाते हैं कि चाहे जड़ें पानी में हों या धरती पर, सही पोषण मिले तो सुंदरता और मजबूती दोनों विकसित होती हैं।”
उन्होंने कहा कि यही भावना भारत और नीदरलैंड की साझेदारी का आधार भी है।
स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर बड़ा बयान
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में तेजी से बढ़ रहे स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री के मुताबिक 2025 में भारत में करीब 44 हजार नए स्टार्टअप शुरू हुए। पिछले साल 1.25 लाख से ज्यादा पेटेंट फाइल किए गए। भारत सेमीकंडक्टर सेक्टर में तेजी से निवेश बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में 12 सेमीकंडक्टर प्लांट पर काम चल रहा है और इनमें से दो में प्रोडक्शन शुरू भी हो चुका है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,
“अब चिप भी डिजाइन इन इंडिया और मेड इन इंडिया होगी।”
लोकतंत्र और विकास पर भी बोले पीएम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की विकास यात्रा लोकतंत्र को और मजबूत बना रही है।
उन्होंने कहा कि जब लोगों के सपने पूरे होते हैं, तब लोकतंत्र पर उनका भरोसा और मजबूत होता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में डिजिटल क्रांति, स्टार्टअप संस्कृति और टेक्नोलॉजी इनोवेशन ने करोड़ों युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए हैं।

दुनिया के मौजूदा संकटों पर जताई चिंता
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक हालात पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,
“पहले कोरोना, फिर युद्ध और अब ऊर्जा संकट… यह दशक दुनिया के लिए आपदाओं का दशक बन गया है।”
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हालात नहीं बदले, तो दुनिया की बड़ी आबादी फिर से गरीबी के दलदल में फंस सकती है।
प्रधानमंत्री ने वैश्विक सहयोग, शांति और स्थिरता पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया को मिलकर समाधान तलाशने होंगे।
खेल और संस्कृति को बताया दोस्ती की कड़ी
प्रधानमंत्री मोदी ने खेलों को भी भारत-नीदरलैंड संबंधों की अहम कड़ी बताया।
उन्होंने कहा कि क्रिकेट में भारतीय समुदाय का योगदान नीदरलैंड में काफी बड़ा है। इसके अलावा दोनों देश हॉकी समेत कई खेलों में मिलकर काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि संस्कृति, खेल और शिक्षा दोनों देशों को और करीब लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
चोलकालीन तांबे की पट्टिकाएं लौटाने पर जताया आभार
प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड द्वारा भारत को लौटाई गई 11वीं सदी की ऐतिहासिक “अनाइमंगलम कॉपर प्लेट्स” का भी उल्लेख किया।
ये तांबे की पट्टिकाएं चोल साम्राज्य के समय की मानी जाती हैं और इनमें दक्षिण भारत के ऐतिहासिक व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों की जानकारी दर्ज है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत की सांस्कृतिक विरासत के सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
भारत और नीदरलैंड के बीच मजबूत होते रिश्तों, भारतीय समुदाय की भूमिका और भारत की वैश्विक महत्वाकांक्षाओं को साफ तौर पर सामने रखा।
प्रधानमंत्री मोदी ने जहां एक ओर भारत की टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और सेमीकंडक्टर क्षमता को दुनिया के सामने रखा, वहीं दूसरी ओर वैश्विक संकटों को लेकर चिंता भी जताई।
यह दौरा भारत-यूरोप संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ भारतीय प्रवासी समुदाय के महत्व को भी एक बार फिर उजागर करता है।
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