पेट्रोल-डीजल को लेकर बड़ा अलर्ट: 1 जून से बंद हो सकते हैं पंप, डीलर्स ने दी हड़ताल की धमकी

पेट्रोल-डीजल

पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बीच अब नया विवाद खड़ा होता दिख रहा है। तेल कंपनियों की ओर से मई महीने में चार बार ईंधन के दाम बढ़ाए जाने के बाद पेट्रोल पंप डीलर्स ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। डीलर्स का कहना है कि सप्लाई व्यवस्था में लगातार दिक्कतें आ रही हैं और आर्थिक दबाव बढ़ने से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

तेल सप्लाई और क्रेडिट सिस्टम पर नाराजगी

राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर अपनी समस्याएं रखी हैं। एसोसिएशन का आरोप है कि सरकारी तेल कंपनियां पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति नहीं कर रहीं और कई जगहों पर क्रेडिट पर तेल देने से भी इनकार किया जा रहा है। इससे खासकर कृषि सीजन के दौरान डीजल की उपलब्धता को लेकर गंभीर संकट पैदा हो रहा है।

बढ़ती जांच और जुर्माने पर भी विरोध

डीलर्स ने यह भी आरोप लगाया है कि मेट्रोलॉजी विभाग के अधिकारी पेट्रोल पंपों पर नियमित जांच के नाम पर सख्ती बढ़ा रहे हैं। उनका कहना है कि कैलिब्रेशन और डेंसिटी जैसी तकनीकी जांचों के दौरान छोटी-छोटी खामियों पर भी भारी जुर्माने लगाए जा रहे हैं, जिससे पंप संचालकों पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है।

स्टॉक की कमी और कृषि सीजन की चिंता

पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि सप्लाई बाधित होने के कारण कई बार स्टॉक खत्म हो जाता है। आने वाले खरीफ सीजन में डीजल की मांग और बढ़ने की संभावना है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। डीलर्स ने यह भी आरोप लगाया है कि विभागीय कार्रवाई के दौरान केवल पंप संचालकों को ही निशाना बनाया जा रहा है, जबकि कंपनियों और तकनीकी खामियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

भुगतान अटका, वैट घटाने की मांग

एसोसिएशन ने बताया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत दी गई ईंधन आपूर्ति का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है, जिससे उनकी वर्किंग कैपिटल प्रभावित हुई है। इसके अलावा अवैध बायोफ्यूल और मिलावटी तेल के मामलों पर भी ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है। डीलर्स ने राज्य सरकार से पेट्रोल-डीजल पर वैट में कम से कम 5 प्रतिशत की कटौती की मांग की है।

1 जून से हड़ताल की चेतावनी

डीलर्स ने साफ कहा है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो 1 जून से प्रदेशभर में पेट्रोल पंपों की हड़ताल शुरू की जा सकती है। उनका कहना है कि मौजूदा हालात में कारोबार चलाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है और अगर जल्द समाधान नहीं मिला तो इसका असर आम जनता पर भी पड़ेगा।

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