पासपोर्ट से नहीं साबित होती भारतीय नागरिकता! ‘अगर पासपोर्ट प्रमाण नहीं, तो क्या है?
विदेश मंत्रालय ने कहा- पासपोर्ट सिर्फ यात्रा दस्तावेज है, नागरिकता नहीं.. विपक्षी नेताओं ने उठाए सवाल
अभी हाल ही में विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा है कि पासपोर्ट से नागरिकता साबित नहीं होगी, यह केवल ट्रैवल डॉक्यूमेंट है। विदेश मंत्रालय के इस बयान पर अब विपक्ष ने सरकार पर जमकर निशाना साधा है। क्योंकि पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही दिए जा सकते हैं। विपक्षी नेताओं ने केंद्र पर तंज कसते हुए कहा कि अगर वोटर कार्ड और पासपोर्ट भी नागरिकता का पक्का प्रमाण नहीं है, तो फिर नागरिक पूछ सकते हैं कि किस डॉक्यूमेंट को नागरिकता के लिए वैध और पक्का साक्ष्य माना जाए?
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने एक्स पर पोस्ट शेयर कर सवाल पूछा कि अगर पासपोर्ट नागरिकता का डॉक्यूमेंट नहीं है, यह मंत्रालय के मुताबिक सिर्फ एक यात्रा करने का डॉक्यूमेंट है, तो फिर कौन सा डॉक्यूमेंट नागरिकता का प्रमाण है?
‘BLO मुझे वोट देने से रोक सकता है’ – कपिल सिब्बल ने उठाए सवाल
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने दावा किया कि इस मामले में अगर चुनाव आयोग का बूथ स्तर अधिकारी (BLO) उनकी नागरिकता पर संदेह करता है, तो उन्हें अपने वोट से वंचित किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “BLO मेरी नागरिकता पर संदेह कर सकता है और मुझे वोट देने से वंचित किया जा सकता है। इस तरह नतीजा निकलेगा कि बीजेपी चुनाव जीत गई।”
कपिल सिब्बल ने स्पष्ट किया कि अगर पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो चुनाव आयोग को नागरिकता सत्यापन के लिए एक स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करना चाहिए।
महुआ मोइत्रा का तंज – ‘एकमात्र सर्टिफिकेट हिंदू और BJP वोटर’
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने मजाक में धार्मिक और राजनीतिक टिप्पणी करते हुए सत्ताधारी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि आज भारतीय नागरिकता का एकमात्र सर्टिफिकेट ये है कि आप हिन्दू हों और बीजेपी के मतदाता हों।”
महुआ मोइत्रा के इस बयान ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
आदित्य ठाकरे का सवाल- ‘क्या गैर-भारतीयों को भी मिलता है पासपोर्ट?’
शिवसेना (UBT) के सांसद आदित्य ठाकरे ने MEA के बयान को बेतुका बताते हुए सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, “अगर MEA मानता है कि पासपोर्ट नागरिकता का डॉक्यूमेंट नहीं है तो पहला सवाल ये है कि पुलिस पासपोर्ट देने से पहले क्या सत्यापित करती है? और दूसरा क्या हमारा देश गैर-भारतीयों को भी यात्रा डॉक्यूमेंट के रूप में पासपोर्ट देता है?”
उन्होंने कहा कि MEA के बयान से दूसरे देशों के दिमाग में ये संदेह पैदा हो सकता है कि गैर-भारतीयों को भी भारतीय पासपोर्ट मिलता है या नहीं। उन्होंने कहा, “अपनी बहुत ही उलझी हुई विदेश नीति के अलावा, MEA और कितना अतार्किक हो सकता है?”
कांग्रेस केरल का व्यंग्य – ‘मोदी एक मजाक हैं’
कांग्रेस की केरल इकाई ने एक व्यंग्यात्मक पोस्ट में पहचान डॉक्यूमेंट्स के उपयोग पर निशाना साधते हुए कहा, “आधार एक कार्ड है। पैन कार्ड खाना पकाने के लिए है। वोटर आईडी दिखाने के लिए है, वोट देने के लिए नहीं। आयकर रिटर्न आपकी आय लौटाने के लिए है। चुनाव हलफनामा रचनात्मक लेखन के लिए है। और मोदी एक मजाक हैं!”
यह अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और विपक्षी दलों ने इसे सरकार की ‘अजीबोगरीब’ सोच करार दिया है।
MEA ने क्या कहा?
MEA ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट है, और नए चिप-आधारित ई-पासपोर्ट में शामिल उपायों, जैसे बायोमेट्रिक डेटा को उजागर किया। इससे वैश्विक स्वीकृति बढ़े और धोखाधड़ी के जोखिम को कम किया जा सके। अधिकारियों ने कहा कि पासपोर्ट एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट की ही तरह रहता है, और ये नागरिकता का डॉक्यूमेंट नहीं है, क्योंकि ये विदेश में भारतीयों की राष्ट्रीयता की पुष्टि करता है। पासपोर्ट बड़े ध्यानपूर्वक जांच के बाद जारी किया जाता है, और यह कई सरकारी एजेंसियों के डॉक्यूमेंट्स पर आधारित होता है।
फिलहाल, इस पूरे मामले पर विदेश मंत्रालय की ओर से कोई और स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। विपक्षी दलों ने संसद में इस मुद्दे को उठाने की बात कही है।
