Parliament Winter Session: राहुल गांधी ने कहा- ‘BJP-RSS का संस्थाओं पर कब्जा, चुनाव आयोग भी निशाने पर’
Parliament Winter Session
Parliament Winter Session: लोकसभा में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर चल रही चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, संस्थागत स्वतंत्रता और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल उठाए। कई राज्यों में SIR के दौरान हो रही कथित गड़बड़ियों के बीच राहुल गांधी का यह बयान राजनीतिक हलकों में एक नई बहस छेड़ रहा है।
वोटर लिस्ट और SIR पर सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि SIR प्रक्रिया पर देशभर में चिंताएँ बढ़ रही हैं और विपक्ष सहित कई नागरिक संगठन अधिक ट्रांसपेरेंसी, अकाउंटेबिलिटी और मॉनिटरिंग की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पर “कब्ज़ा” किया जा रहा है और चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया से CJI को हटाने पर भी सवाल खड़े किए।
RSS पर सीधा हमला—’संस्थानों पर कब्जे की कोशिश’
Parliament Winter Session: लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर देश के प्रमुख संस्थानों पर नियंत्रण करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा—“भारत के इंस्टीट्यूशन्स पर कब्ज़ा किया जा रहा है… RSS का प्रोजेक्ट संस्थागत ढांचे को अपने नियंत्रण में लेना है। वाइस चांसलरों की नियुक्ति मेरिट पर नहीं, बल्कि संगठन से नज़दीकी के आधार पर हो रही है।”
राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि महात्मा गांधी की हत्या के बाद से RSS का लक्ष्य संस्थागत सिस्टम पर हावी होना रहा है। उनके मुताबिक, लोकतंत्र के मुख्य स्तंभ—शैक्षणिक संस्थान, जांच एजेंसियां और चुनावी ढांचा—धीरे-धीरे प्रभावित या नियंत्रित किए जा रहे हैं।
चुनाव कानूनों में बदलाव पर गंभीर चिंता
कांग्रेस नेता ने सरकार द्वारा हाल ही में बदले गए चुनावी कानूनों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा—CCTV रिकॉर्डिंग कानून क्यों बदला गया? चुनाव आयोग को 45 दिन बाद CCTV फुटेज नष्ट करने की अनुमति क्यों दी गई? इस बदलाव की जरूरत क्या थी? राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह बदलाव “चुनाव चोरी” को बढ़ावा दे सकते हैं।
‘भारत वोट से बुना हुआ ताना-बाना है’
राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि वोट का अधिकार सिर्फ चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि देश की एकता की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा—“भारत एक ऐसा ताना-बाना है जिसे वोट से बुना गया है। हमारी ताकत हर नागरिक के वोट की पवित्रता से आती है।”
सत्ता पक्ष का विरोध—बार-बार रुकाई गई राहुल की बात
राहुल गांधी के RSS और सरकार पर आरोप लगाते ही सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। सदन में कई बार हंगामा हुआ और राहुल गांधी की बातों को बीच में रोका गया। सत्तारूढ़ दल के सांसदों का कहना था कि राहुल गांधी चर्चा को विषय से भटकाकर राजनीतिक आरोपों में बदल रहे हैं।
