मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष का हंगामा: लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही कल तक स्थगित

संसद मानसून सत्र

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को जोरदार राजनीतिक टकराव के साथ हुई। सत्र के पहले ही दिन लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के लगातार विरोध और नारेबाजी के चलते सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। हालात ऐसे बने कि दोनों सदनों की कार्यवाही दिनभर कई बार बाधित हुई और अंततः अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।

13 अगस्त तक चलने वाले इस मानसून सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक संसद के पटल पर रखने की तैयारी में है। वहीं विपक्ष विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ मैदान में उतरा है।

इन मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को घेरा

सत्र के पहले दिन विपक्षी दलों ने NEET पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा विवाद समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही और किसी भी विषय पर सार्थक चर्चा नहीं हो सकी।

इसके अलावा सर्वदलीय बैठक में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को आमंत्रित किए जाने को लेकर भी विपक्ष ने नाराजगी जताई। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने बैठक से वॉकआउट कर राजनीतिक माहौल और गर्म कर दिया।

सरकार इन अहम विधेयकों को ला सकती है

मानसून सत्र के दौरान कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। इस दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश कर सकती है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

आयकर संशोधन विधेयक
सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक
जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक
राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संशोधन विधेयक
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विकास संशोधन विधेयक
विदेशी अंशदान विनियमन (FCRA) संशोधन विधेयक
विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक

वहीं, वंदे मातरम् विधेयक भी सूची में शामिल था, लेकिन पहले दिन के हंगामे के चलते इसे सदन में पेश नहीं किया जा सका।

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परिसीमन और महिला आरक्षण पर भी नजर

इस सत्र में परिसीमन (Delimitation) और महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्तावों को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। बदले हुए राजनीतिक समीकरणों और लोकसभा में संख्या बल को देखते हुए सरकार की रणनीति पर सभी की नजर बनी हुई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा?

सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से बातचीत में देश की आर्थिक प्रगति, विकास दर और युवाओं की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत के युवा अपने आत्मविश्वास, मेहनत और क्षमता के दम पर नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं और यही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है।

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